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रोजगार छिना तो जीविका का दूसरा उपाय तलाश रहे लोग
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रोजगार छिना तो जीविका का दूसरा उपाय तलाश रहे लोग
बड़ौत (बागपत)। कोरोना कर्फ्यू की वजह से टेंपो चालक, पंक्चर लगाने वाले अथवा मिठाई के दुकानदार सहित विभिन्न लोगों ने अपना कारोबार बदल लिया है। क्षेत्र में अब फल-सब्जी के साथ ही किराना की दुकानों में वृद्धि हुई है।
नगरीय व देहात क्षेत्र में अचानक सब्जी व फल विक्रेताओं की संख्या बढ़ गई है। मूलरूप से मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर गांव निवासी दीपक पिछले 10 सालों से नगर में किराए पर रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे है। उन्होंने दिल्ली रोड पर एक दुकान किराए पर लेेकर मिठाई बनाने का काम कर रखा था, कोरोना कर्फ्यू में उन्होंने मिठाई की दुकान बंद कर फल-सब्जी बेचना शुरू कर दिया है। नगर में ई-रिक्शा चलाने वाले मिन्टू व जावेद ने भी अब अपनी ई-रिक्शा में गली-मोहल्लों में सब्जियां बेचने का काम शुरू कर दिया है। मिन्टू ने कुछ माह पूर्व नगर में ई-रिक्शा चलाने के लिए किस्तों पर ई-रिक्शा ली थी, लेकिन अभी किस्तें भी पूरी नहीं हुई की कोरोना कर्फ्यू से उसका रोजगार छीन गया। इन सभी लोगों का कहना है कि बदलते हालात और परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना पेशा बदलने को मजबूर है।
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बड़ौत (बागपत)। कोरोना कर्फ्यू की वजह से टेंपो चालक, पंक्चर लगाने वाले अथवा मिठाई के दुकानदार सहित विभिन्न लोगों ने अपना कारोबार बदल लिया है। क्षेत्र में अब फल-सब्जी के साथ ही किराना की दुकानों में वृद्धि हुई है।
नगरीय व देहात क्षेत्र में अचानक सब्जी व फल विक्रेताओं की संख्या बढ़ गई है। मूलरूप से मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर गांव निवासी दीपक पिछले 10 सालों से नगर में किराए पर रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे है। उन्होंने दिल्ली रोड पर एक दुकान किराए पर लेेकर मिठाई बनाने का काम कर रखा था, कोरोना कर्फ्यू में उन्होंने मिठाई की दुकान बंद कर फल-सब्जी बेचना शुरू कर दिया है। नगर में ई-रिक्शा चलाने वाले मिन्टू व जावेद ने भी अब अपनी ई-रिक्शा में गली-मोहल्लों में सब्जियां बेचने का काम शुरू कर दिया है। मिन्टू ने कुछ माह पूर्व नगर में ई-रिक्शा चलाने के लिए किस्तों पर ई-रिक्शा ली थी, लेकिन अभी किस्तें भी पूरी नहीं हुई की कोरोना कर्फ्यू से उसका रोजगार छीन गया। इन सभी लोगों का कहना है कि बदलते हालात और परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना पेशा बदलने को मजबूर है।
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