आग लगी तो स्कूलों में तबाही पक्की
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केस एक- स्थान - प्राथमिक विद्यालय सिसाना नबंर-1
यहां भी रसोईघर में यंत्र रखे मिले। प्रधानाध्यापक मोमिन अली ने पूछने पर बताया कि यह सब हमारे से चलाने नहीं आते है। हमें आज तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। किसी ने चलाना नहीं सिखाया।
केस टू- स्थान - उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसाना।
अग्रिशमन यंत्र रसोईघर के ताले में बंद मिले। यंत्र के बारे में जानकारी की तो प्रधानाध्यापक तेजपाल सिंह ने रसोई का ताला खोला, वहां दोनों सीस फायर यंत्र खराब पड़े हुए थे। एक में पाइप तथा दूसरे में स्प्रिंग बाहर निकला हुआ था। प्रधानाध्यापक ने कहा यह यंत्र मिलते कहां से है हमें भी दिलवा दो।
केस थ्री- स्थान - पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरीपुर जवाहरनगर
विद्यालय के रसोईघर में ताले में बंद मिले सीज फायर। शिक्षकों से पूछा तो सभी ने मना कर दिया कि उन्हें इसका प्रयोग नहीं आता। यंत्र कभी चलाकर देखा है क्या? इस सवाल पर सभी शिक्षकों ने इंकार कर दिया। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि यदि आग लगी तो क्या होगा?
केस फाोर - स्थान - बीआरसी केंद्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय
यहां पर रसोईघर में अग्रिशमन यंत्र रखा हुआ था। प्रधानाध्यापक योगेश शर्मा सीज फायर यंत्र को दिखाने के लिए रसोई घर पहुंचे, लेकिन वहां ताला लगा मिला। चाबी मंगवाकर ताला खुलवाया यंत्र एक मग से ढका हुआ था। प्रधानाध्यापक ने बताया कि यंत्र चलाना नही आता।
केस पाइव- स्थान -बीआरसी केंद्र स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-1
विद्यालय में चार सीस फायर सिलेंडर मिले। दो सिलेंडर रसोईघर में तथा दो स्टोर रूम में रखे मिले। यंत्र कैसे चलता है? तो प्रधानाध्यापक ब्रज भूषण ने कहा सिलेंडर को जमीन पर देकर मार दें वह खुद चालू हो जाएगा और आग बुझ जाएगी। चारों सिलेंडरों में से दो यंत्र खराब मिले।
यंत्र ठीक करा प्रशिक्षण दिलाया जाएगा
बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र कुमार यादव ने कहा सभी स्कूलों में अग्निशमन यंत्रों की जांच कराई जाएगी। अग्निशमन यंत्र खराब हुए तो ठीक कराया जाएगा और आग से बचाव के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित कराया जाएगा। अग्निशमन यंत्रों को समुचित स्थान पर रखवाया जाएगा।
अग्निशमन यंत्र चलाना आसान
फायर बिग्रेड प्रभारी/ सीओ एपी सिंह ने बताया परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र ठीक न होना एवं चलाने की जानकारी न होना गंभीर मामला है। समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाता रहा है। विभाग प्रशिक्षण की मांग करता है तो तीनों तहसीलों में प्रशिक्षण की व्यवस्था है।