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खूनी कांड के बाद अकेला रह गया पंकज, रिश्ता भी टूटा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 17 Dec 2016 12:02 AM IST
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Broken relationship
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बागपत। गांगनौली गांव के खूनी कांड में पंकज की मां सविता, बहन और नाना की हत्या होने से पूरा परिवार बर्बाद हो गया है। परिवार में वह अकेला बचा है। इतना ही नहीं इस खूनी वारदात के बाद पंकज का रिश्ता भी टूट गया है। उसकी जल्द ही शादी होने वाली थी।
गांगनौली गांव में दस अक्तूबर को पंकज के घर पर खून खराबा हुआ। पंकज की माता सविता देवी, बहन प्रीति, नाना मांगेराम के अलावा सुरक्षा में लगे दो पुलिसवालों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हरियाणा के दो युवकों और धनौरा के प्रधान के पति सहदेव को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया। लेकिन, इस घटना से पंकज का घर पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। परिजनों को खोने के गम में पंकज के पिता रामफल बीमार हो गए थे। काफी इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में उनकी भी मौत हो गई। उसके भाई परीक्षित की अप्रैल 2014 में हत्या हो गई थी। घर में अकेला सदस्य पंकज रह गया है। इस खूनी कांड से पूर्व पंकज के माता-पिता ने उसका रिश्ता शामली से तय किया था, लेकिन खूनखराबे के बाद उसका रिश्ता भी टूट गया है।
परिवार के हत्यारोपियों को सजा दिलाउंगा
बागपत। पंकज ने कहा कि उसके भाई परीक्षित की हत्या के केस की मां सविता पैरवी कर रही थी। अब उनकी भी मौत हो गई है। भाई, बहन और माता के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए अब वह कानूनी लड़ाई लड़ेगा। वह इससे पीछे नहीं हटेगा।
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गांगनौली गांव में दस अक्तूबर को पंकज के घर पर खून खराबा हुआ। पंकज की माता सविता देवी, बहन प्रीति, नाना मांगेराम के अलावा सुरक्षा में लगे दो पुलिसवालों की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हरियाणा के दो युवकों और धनौरा के प्रधान के पति सहदेव को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया। लेकिन, इस घटना से पंकज का घर पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। परिजनों को खोने के गम में पंकज के पिता रामफल बीमार हो गए थे। काफी इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में उनकी भी मौत हो गई। उसके भाई परीक्षित की अप्रैल 2014 में हत्या हो गई थी। घर में अकेला सदस्य पंकज रह गया है। इस खूनी कांड से पूर्व पंकज के माता-पिता ने उसका रिश्ता शामली से तय किया था, लेकिन खूनखराबे के बाद उसका रिश्ता भी टूट गया है।
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परिवार के हत्यारोपियों को सजा दिलाउंगा
बागपत। पंकज ने कहा कि उसके भाई परीक्षित की हत्या के केस की मां सविता पैरवी कर रही थी। अब उनकी भी मौत हो गई है। भाई, बहन और माता के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए अब वह कानूनी लड़ाई लड़ेगा। वह इससे पीछे नहीं हटेगा।
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