फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Panchi's Bajrang Dal worker injured in Nuh riots dies

Baghpat News: नूंह दंगे में घायल पांची के बजरंग दल कार्यकर्ता की मौत

Thu, 03 Aug 2023 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Thu, 03 Aug 2023 12:23 AM IST
विज्ञापन
Panchi's Bajrang Dal worker injured in Nuh riots dies
पांची गांव में प्रदीप का शव पहुंचने के बाद विलाप करते परिजन। संवाद
रटौल। हरियाणा के नूंह में हुए दंगे में घायल हुए पांची के बर्तन व्यापारी, बजरंग दल के कार्यकर्ता की मौत हो गई। वह यात्रा में शामिल हुआ था और वहां बवाल के दौरान घायल होने पर दिल्ली के अस्पताल में उपचार चल रहा था। जहां उसकी मंगलवार रात मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार शाम को बजरंग दल के कार्यकर्ता का शव गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

पांची गांव निवासी प्रदीप (30) गुरुग्राम के बादशाहपुर में रहकर बर्तनों की दुकान करता था। वह पिछले सात साल से मारुती कुंज के पास बादशाहपुर गांव में अपनी पत्नी और दो भाइयों के साथ रहता था। जबकि उसके अन्य परिजन गांव में ही रहते थे। ग्रामीणों ने बताया कि प्रदीप डेढ़ साल पहले बजरंग दल में शामिल हुआ था, जो बजरंग दल में पिलाना प्रखंड संयोजक पद पर भी रहा। वह नूंह में शोभायात्रा में शामिल हुआ था। बताया कि शोभायात्रा के दौरान हुए दंगे में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी कार भी फूंक दी गई। प्रदीप को पहले सोहना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बिगड़ने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान प्रदीप की मौत हो गयी। जिसका पता चलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उधर बुधवार शाम करीब छह बजे प्रदीप का शव गांव लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन

शव पहुंचने से पहले छावनी बना पांची, बाजार हुआ बंद
हरियाणा के नूंह में हुए दंगे में बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदीप की मौत होने के बाद बुधवार शाम शव गांव लाया गया। जिससे पहले पुलिस ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। जहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस और कई टीमें पीएसी तैनात कर दी गई। उधर स्थिति को देखते हुए पांची गांव का बाजार भी बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

दंगे से एक दिन पहले गांव से गया था प्रदीप
बजरंग दल कार्यकर्ता प्रदीप अक्सर गांव आता रहता था और यहां कई दिन रहने के बाद वापस जाता था। बताया कि दंगे से एक दिन पहले प्रदीप गुरुग्राम गया और फिर शोभायात्रा में शामिल हो गया। उधर उसके साथ रहने वाले दो भाई हैप्पी ओर दीपक घटना के वक्त कमरे पर ही थे।
हजारों लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदीप की मौत होने के बाद गांव समेत आसपास के गांवों और बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता पांची गांव पहुंचे। जहां प्रदीप की अंतिम यात्रा में हजारों लोगों ने शामिल होकर नम आंखों से विदाई दी।

छह साल पहले हुई थी शादी
दीपक ने बताया कि उसके भाई प्रदीप की शादी छह साल पहले हुई थी। जिसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ गुरुग्राम के बादशाहपुर में रहने लगा था और अपना मकान भी वहीं पर बना लिया था। बताया कि प्रदीप का सबसे बड़ा भाई गांव में रहकर स्कूल बस चलाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed