फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Paddy planting decreased due to less rain and inflation of fertilizers

कम बारिश व खाद की महंगाई से घट गया धान का रकबा

Sun, 17 Jul 2022 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
Paddy planting decreased due to less rain and inflation of fertilizers
बागपत में धान पौध लगाती महिलाएं - फोटो : BAGHPAT
कम बारिश और खाद की महंगाई से धान की घट गई रोपाई
विज्ञापन

बागपत। कम बारिश और खाद की महंगाई ने धान की फसल को बड़ा झटका दिया है। पिछले वर्ष धान का रकबा 5503 हेक्टेयर तक पहुंच गया था, जो इस बार मात्र 3595 हेक्टेयर ही रह गया। पिछले वर्ष लक्ष्य भी 5497 दिया गया था। जबकि इस बार लक्ष्य मात्र 4790 हेक्टेयर था, वह भी पूरा नहीं हो पाया।
बारिश की कमी और खाद पर चढ़ी महंगाई के चलते किसानों का धन की फसल से मोह कम हुआ है। पिछले वर्ष की सापेक्ष धान का रकबा 1908 हेक्टेयर घट गया। किसानों के अनुसार धान की फसल अधिकांशत: बारिश पर निर्भर रहती है। वर्ष 2021 में कुल 203 मिमी बारिश हुई थी, जबकि 15 जून से 15 जुलाई तक 100 मिमी बारिश हुई थी। जिसके सापेक्ष इस साल जून में 75.5 मिमी बारिश हुई, जबकि जुलाई में अब तक सिर्फ 24 मिमी बारिश हुई है। उधर कुछ महीने पहले खाद डीएपी के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। डीएपी के 50 किलो के पैकेट के दाम 1200 रुपये से बढ़कर 1350 रुपये तक पहुंच गए। जिसका असर भी धान की बुवाई में देखने को मिल रहा है। विगत वर्ष 2021-22 में लक्ष्य से अधिक धान की रोपाई करने वाले बागपत जनपद में इस साल धान का रकबा घट गया है। शासन से निर्धारित किए गए 4790 हेक्टेयर रकबे के सापेक्ष 3595 हेक्टेयर रकबा रह गया है।
विज्ञापन

- महंगी पड़ी धान की रोर्पाई, तो दूसरी फसल उगाई
नलकूप से महंगी पड़ेगी सिंचाई
इस साल बरसात कम हो रही है और नलकूपों पर मीटर लग गए हैं। धान की फसल में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसकी नलकूप चलाकर सिंचाई करना काफी महंगा साबित होगा। इस बार धान की रोर्पाई छोड़कर सब्जी उगा रहे हैं। - जोनी उज्ज्वल, मवीकलां
विज्ञापन
विज्ञापन

--
डीएपी की महंगाई ने कर दी हालत खराब
धान की फसल को बीमारी से बचाने के लिए खाद का प्रयोग किया जाता है, लेकिन खाद के दाम भी बढ़ गए। सिंचाई के लिए बारिश भी नहीं हो रही। जिसके चलते धान की फसल उगाने के बजाय दूसरी फसल उगाएंगे। - राजीव उज्ज्वल मवीकलां
----
धान नहीं दूसरी फसल उगाएंगे
धान की फसल के दाम भी कम ही मिलते हैं, जबकि लागत लगातार बढ़ती जा रही है। अब धान की रोर्पाई फायदे का सौदा नहीं रही। - सुरेंद्र सिंह यादव, सिंघावली अहीर
--
नलकूप से सिंचाई से जेब हो जाएगी खाली
नलकूपों पर विद्युत मीटर लग गए हैं और बरसात भी कम हो रही है। धान की अगेती फसल को बारिश का पानी नहीं मिलने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। नलकूप से धान की सिंचाई करने पर जेब खाली हो जाएगी। - विजयपाल सिंह यादव, हिसावदा।

--
वर्जन-
धान की रोपाई अभी चल रही है और बरसात होने की उम्मीद भी बनी हुई है। शासन से धान के लिए मिले लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। लगातार किसानों से संपर्क कर धान में लगने वाले कीटों के प्रति जागरूक किया जाएगा। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed