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पद कमल धोइ चढ़ाइ नाव न नाथ उतराई चहौं
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अमीनगर सराय में रामलीला मंचन करते कलाकार
- फोटो : BAGHPAT
बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी/अमीनगर सराय/चांदीनगर। पद कमल धोइ चढ़ाइ नाव न नाथ उतराई चहौं। मोहि राम राउरि आन दसरथसपथ सब साची कहौं। बरु तीर मारहुँ लखनु पै जब लगि न पाय पखारिहौं। तब लगि न तुलसीदास नाथ कृपाल पारु उतारिहौं।
भावार्थ : हे नाथ! मैं चरण कमल धोकर आप लोगों को नाव पर चढ़ा लूंगा, मैं आपसे कुछ उतराई नहीं चाहता। हे राम! मुझे आपकी दुहाई और दशरथजी की सौगंध है, मैं सब सच-सच कहता हूँ। लक्ष्मण भले ही मुझे तीर मारें, पर जब तक मैं पैरों को पखार न लूँगा, तब तक हे तुलसीदास के नाथ! हे कृपालु! मैं पार नहीं उतारूँगा।
नगर के अलावा अन्य कस्बों में चल रही रामलीला में शुक्रवार को सीता स्वयंवर, केवट और राम का संवाद, सीता हरण की लीला का मंचन किया। रामलीला में कलाकारों का शानदार प्रदर्शन देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
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श्री रघुवर रामलीला समिति ठाकुरद्वारा में सीता स्वयंवर का मंचन किया। राजा जनक के दरबार में सीता स्वयंवर में आए राजा और राजकुमार भगवान शिव के धनुष को हिला भी नहीं पाते हैं। भगवान राम विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष का खंडन करते हैं और माता सीता भगवान राम के गले में वरमाला डालती है। मौके पर कमेटी के अध्यक्ष संजय रुहेला, नंदलाल डोगरा, सुभाष लखेरा, मोंटी सुजीत, आशीष, संजय, लवी, काकू, इलू, रोहित, दीपक गुप्ता, विनोद गुप्ता, दीपक सिंधी, सोनू, लोकी मौजूद रहे।
उधर अग्रवाल मंडी टटीरी में चल रही रामलीला में केवट-राम का संवाद और भरत मिलाप की लीला हुई। रामलीला में कमेटी के अध्यक्ष पंडित अंकुर शर्मा, पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, संजीव शर्मा, भानु पंडित, अनिल कुमार, यूनुस खान, संदीप पांचाल, आशुतोष शर्मा, चीनू पंडित, शेरखान, अभिनय शर्मा, अरविंद शर्मा, पूर्व सभासद नईम खान मौजूद रहे।
अमीनगर सराय में चल रही रामलीला में रावण अपने मामा मारीच को सोने का हिरण बनाकर भेजना। सीता के कहने पर भगवान राम हिरण के पीछे जंगल में जाते है। श्रीराम का बाण लगने पर मारीछ राम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। सीता लक्ष्मण को भाई की रक्षा के लिए भेजती और रावण ऋषि का रूप धारण का सीता का हरण कर लेता है। मौके पर नवीन गुप्ता, यज्ञदत शर्मा, पुरुषोत्तम गर्ग, मंगलसेन शर्मा, राजेश गर्ग, छोटू, मुकेश, महेश शर्मा, बबली मौजूद रहे।
रटौल में चल रही रामलीला में भगवान राम के राजतिलक की घोषणा होने पर कैकयी के कोप भवन में जाने और श्रीराम अपने पिता का वचन पूरा करने के लिए 14 वर्ष के लिए वनवास जाने की लीला का मंचन किया गया। मौके पर संचालक देवेंद्र अरोरा, बृजलाल गांधी, संजय अरोरा, मनोज कुमार, मानसिंह, बंटी गुप्ता, महेंद्र शर्मा, पम्मी कश्यप, अनुज कश्यप, शिव कुमार पत्रावल, पंडित कुश प्रसाद शास्त्री मौजूद रहे।
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भावार्थ : हे नाथ! मैं चरण कमल धोकर आप लोगों को नाव पर चढ़ा लूंगा, मैं आपसे कुछ उतराई नहीं चाहता। हे राम! मुझे आपकी दुहाई और दशरथजी की सौगंध है, मैं सब सच-सच कहता हूँ। लक्ष्मण भले ही मुझे तीर मारें, पर जब तक मैं पैरों को पखार न लूँगा, तब तक हे तुलसीदास के नाथ! हे कृपालु! मैं पार नहीं उतारूँगा।
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नगर के अलावा अन्य कस्बों में चल रही रामलीला में शुक्रवार को सीता स्वयंवर, केवट और राम का संवाद, सीता हरण की लीला का मंचन किया। रामलीला में कलाकारों का शानदार प्रदर्शन देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
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श्री रघुवर रामलीला समिति ठाकुरद्वारा में सीता स्वयंवर का मंचन किया। राजा जनक के दरबार में सीता स्वयंवर में आए राजा और राजकुमार भगवान शिव के धनुष को हिला भी नहीं पाते हैं। भगवान राम विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष का खंडन करते हैं और माता सीता भगवान राम के गले में वरमाला डालती है। मौके पर कमेटी के अध्यक्ष संजय रुहेला, नंदलाल डोगरा, सुभाष लखेरा, मोंटी सुजीत, आशीष, संजय, लवी, काकू, इलू, रोहित, दीपक गुप्ता, विनोद गुप्ता, दीपक सिंधी, सोनू, लोकी मौजूद रहे।
उधर अग्रवाल मंडी टटीरी में चल रही रामलीला में केवट-राम का संवाद और भरत मिलाप की लीला हुई। रामलीला में कमेटी के अध्यक्ष पंडित अंकुर शर्मा, पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, संजीव शर्मा, भानु पंडित, अनिल कुमार, यूनुस खान, संदीप पांचाल, आशुतोष शर्मा, चीनू पंडित, शेरखान, अभिनय शर्मा, अरविंद शर्मा, पूर्व सभासद नईम खान मौजूद रहे।
अमीनगर सराय में चल रही रामलीला में रावण अपने मामा मारीच को सोने का हिरण बनाकर भेजना। सीता के कहने पर भगवान राम हिरण के पीछे जंगल में जाते है। श्रीराम का बाण लगने पर मारीछ राम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। सीता लक्ष्मण को भाई की रक्षा के लिए भेजती और रावण ऋषि का रूप धारण का सीता का हरण कर लेता है। मौके पर नवीन गुप्ता, यज्ञदत शर्मा, पुरुषोत्तम गर्ग, मंगलसेन शर्मा, राजेश गर्ग, छोटू, मुकेश, महेश शर्मा, बबली मौजूद रहे।
रटौल में चल रही रामलीला में भगवान राम के राजतिलक की घोषणा होने पर कैकयी के कोप भवन में जाने और श्रीराम अपने पिता का वचन पूरा करने के लिए 14 वर्ष के लिए वनवास जाने की लीला का मंचन किया गया। मौके पर संचालक देवेंद्र अरोरा, बृजलाल गांधी, संजय अरोरा, मनोज कुमार, मानसिंह, बंटी गुप्ता, महेंद्र शर्मा, पम्मी कश्यप, अनुज कश्यप, शिव कुमार पत्रावल, पंडित कुश प्रसाद शास्त्री मौजूद रहे।