{"_id":"59a9b5eb4f1c1b0e278b4d71","slug":"pac-hatti-open-gate-of-ashram","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएसी हटी, खुला आश्रम का गेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएसी हटी, खुला आश्रम का गेट
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sat, 02 Sep 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
बरनावा में खुला आश्रम का गेट।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के यौन शोषण में फंसने के बाद पंचकूला में हंगामे के चलते बरनावा आश्रम की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सात दिन बार आश्रम से पीएसी और पुलिस की सुरक्षा हटा ली गई है। लेकिन सुरक्षा हटते ही डेरा अनुयायियों ने डीएम से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। अनुयायियों का कहना है कि असामाजिक तत्व क्षेत्र का माहौल खराब कर सकते हैं।
पिछले माह 25 अगस्त को यूपी के इकलौते डेर बरनावा की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आरआरएफ के अलावा यहां पीएसी और पुलिस तैनात रही। बकरीद से पहले जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पीएसी और पुलिस हटा ली गई। यही नहीं सात दिन से बंद डेरे का मुख्य गेट भी खुला। डेरे में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई।
पिछले सात दिन से प्रशासन ने आमजन के लिए यहां नो एंट्री कर दी थी। डेरे में रहने वाले 65 लोगों को ही पहचान पत्र दिखाकर बाहर जाने जाने की छूट थी। सेवादार बिजेंद्र कश्यप के अलावा बड़ौत के अन्य सेवादार कलक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने बताया कि सेवादारों ने आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद किए जाने की मांग की है। उधर, बिजेंद्र कश्यप का कहना है कि असामाजिक लोग माहौल खराब कर सकते हैं। आश्रम का गेट खुलते ही यहां चहल-पहल बढ़ गई। अनुयायियों की आवाजाही लगी रही। आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि गलत तरीके से डेरामुखी को फंसाया गया है।
जमीन की कराई जाएगी जांच
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने एक बार फिर कहा कि बरनावा क्षेत्र में जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए राजस्व, चकबंदी और वन विभाग की टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही यहां टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
पिछले माह 25 अगस्त को यूपी के इकलौते डेर बरनावा की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। आरआरएफ के अलावा यहां पीएसी और पुलिस तैनात रही। बकरीद से पहले जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पीएसी और पुलिस हटा ली गई। यही नहीं सात दिन से बंद डेरे का मुख्य गेट भी खुला। डेरे में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई।
विज्ञापन
पिछले सात दिन से प्रशासन ने आमजन के लिए यहां नो एंट्री कर दी थी। डेरे में रहने वाले 65 लोगों को ही पहचान पत्र दिखाकर बाहर जाने जाने की छूट थी। सेवादार बिजेंद्र कश्यप के अलावा बड़ौत के अन्य सेवादार कलक्ट्रेट पहुंचे।
विज्ञापन
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने बताया कि सेवादारों ने आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद किए जाने की मांग की है। उधर, बिजेंद्र कश्यप का कहना है कि असामाजिक लोग माहौल खराब कर सकते हैं। आश्रम का गेट खुलते ही यहां चहल-पहल बढ़ गई। अनुयायियों की आवाजाही लगी रही। आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि गलत तरीके से डेरामुखी को फंसाया गया है।
जमीन की कराई जाएगी जांच
डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने एक बार फिर कहा कि बरनावा क्षेत्र में जमीन की पैमाइश कराई जाएगी। इसके लिए राजस्व, चकबंदी और वन विभाग की टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही यहां टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।