किराये के भवन में चल रहे सरकारी स्कूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद में सैकड़ों सरकारी स्कूली में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल छाए है। ऐसा नहीं है कि अभिभावक अव्यवस्थाओं की शिकायत नहीं करते, हर साल सैकड़ों शिकायतें अफसरों के पास पहुंचती है, लेकिन कार्रवाई शून्य होने के कारण ही अधिकांश अभिभावकों और बच्चों का लगातार सरकारी विद्यालयों से मोहभंग हो रहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के चलते शनिवार को प्राथमिक विद्यालय पट्टी वाजिदपुर का हाल जाना गया तो पता चला की भवन किराये का है। विद्यालय में 65 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन यहां पर बच्चों की संख्या शून्य मिली। विद्यालय में बने कमरों पर ताले लटके मिले। विद्यालय मेें इंचार्ज प्रधानाध्यापिका पुष्पा रानी मौजूद थी, सहायक अध्यापिका प्रेमलता विद्यालय से गायब मिली। पूछने पर प्रधानाध्यापिका पुष्पा रानी ने बताया विद्यालय में 65 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों के लिए बने शौचालय की हालत बदतर मिली। कमरों की खिड़कियां और फर्श टूटा मिला। विद्यालय में बच्चों की संख्या शून्य होने के बाद भी मिड-डे मील बनाने की तैयारी की जा रही थी।
इसके बाद दिगंबर जैन इंटर कॉलेज स्थित प्राइमरी विभाग विद्यालय का हाल जाना तो पता चला कि यह विद्यालय भी किराये के भवन में दो दशक से संचालित है। ऐसा लगा रहा था कि मानों यहां पर वर्षों से एक भी बच्चा विद्यालय नहीं आया है। यहां पर सहायक अध्यापक के रूप में निर्मल कुमार जैन उपस्थित थे और बच्चों की संख्या शून्य मिली। सहायक अध्यापक निर्मल कुमार जैन ने बताया स्कूल में 52 बच्चे पंजीकृत हैं और अध्यापक के रूप में केवल मैं हूं। विद्यालय में लगा हैडपंप खराब पड़ा हुआ था। ब्लैक बोर्ड के अलावा कमरों और विद्यालय का भवन जर्जर हालत में दिखाई दिया। विद्यालय मेें गंदगी का अंबार मिला।
इस संबंध में दिगंबर जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य वकील चंद जैन ने कहा वह हमारी ही प्राइमरी शाखा है। 52 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन त्योेहार के चलते अभी अधिकांश बच्चे छुट्टी मना रहे हैं। किराये के भवन में विद्यालय चल रहा है, इस कारण विद्यालय की सूरत बदलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार से बातचीत की तो उन्होंने कहा विभागीय कार्यों के चलते जनपद से बाहर हूं। सोमवार से लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ अभियान चलेगा। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। जनपद में अधिकांश विद्यालय किराये के भवनों में संचालित हैं। उच्चाधिकारियों को इस संबंध में सैकड़ों बार अवगत कराया जा चुका है।