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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Officials of Bhakiyu and Bhakiyu Apolitical clashed with each other in farmers meeting, but did not action

UP: बैठक में भिड़े दोनों भाकियू गुट के पदाधिकारी, इस बात पर छिड़ा था विवाद, अफसर लेते रहे नोकझोंक का आनंद

Wed, 21 Jun 2023 09:46 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Wed, 21 Jun 2023 09:46 PM IST
सार

Baghpat News : विकास भवन के सभागार में किसान बैठक के दौरान बैठक में भाकियू टिकैत गुट और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। इस दौरान अधिाकारी भाकियू नेताओं की नोकझोंक का आनंद लेते रहे।

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Officials of Bhakiyu and Bhakiyu Apolitical clashed with each other in farmers meeting, but did not action
बैठक में भिड़े भाकियू और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में विकास भवन के सभागार में किसान बैठक में भाकियू टिकैत गुट और भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। जहां अफसर किसानों की नोकझोंक का आनंद लेते रहे। भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने अधिकारियों पर भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों को बुलाकर तवज्जो देने का आरोप लगाया। एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बाद दोनों पक्षों के किसान खुद ही शांत होकर बैठ गए। बैठक में जल निगम, ऊर्जा निगम, सिंचाई समेत अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं उठाई गईं।

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विकास भवन के सभागार में बुधवार को किसान बैठक का आयोजन किया गया। जहां भाकियू और भाकियू अराजनैतिक समेत कई किसान संगठनों के पदाधिकारी किसानों के साथ समस्याएं लेकर पहुंचे। जहां भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नरेशपाल सिंह ने कृषि अधिकारियों पर किसान बैठक में सिर्फ भाकियू टिकैत गुट वाले पदाधिकारियों को ही बुलाने और उनकी ही सुनवाई करने का आरोप लगाया। तभी वहां बैठे भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी भड़क गए।

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दोनों किसान संगठनों के पदाधिकारियों में तीखी नोकझोंक होने लगी और किसान बैठक शुरू होने से पहले ही हंगामा शुरू हो गया। जहां काफी देर तक हंगामा चलता रहा। जहां सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने किसानों को शांत कराने का प्रयास नहीं किया और अपनी कुर्सियों पर बैठे रहे। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नरेशपाल सिंह ने भाकियू पदाधिकारी पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।

गांवों में पेयजल टंकियों के निर्माण में गड़बड़ी, लीक होने लगी पाइपलाइन
किसान बैठक में भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि पेयजल टंकियों के निर्माण में गड़बड़ी की जा रही है। जिन गांवों में पेयजल टंकियां बन गईं हैं, वहां अभी से पेयजल लाइन लीक होने लगी है। पेयजल टंकी बना रही कंपनी के कर्मियों ने गांवों की सड़कें उखाड़कर छोड़ दीं हैं। जिससे अब बरसात के सीजन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने पेयजल टंकियों के निर्माण की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई करने और जहां काम बंद पड़ा है, उसे पूर्ण कराने की मांग की।

अग्रवाल मंडी टटीरी के रहने वाले कर्ण सिंह ने बताया कि मेरठ-बागपत हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी ने कस्बे में नाला नहीं बनाया। हाईवे की सड़क में गड्ढे होने लगे हैं। मीतली गाधी फीडर का केबल बक्सा खराब हो चुका है। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नरेशपाल सिंह ने कहा कि चौगामा नहर परियोजना पर कई दशक से काम चल रहा है, लेकिन अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया। बिजेंद्र प्रधान ने कहा कि बार-बार कहने के बाद भी शामली सिंचाई खंड के अधिकारी बैठक में नहीं आए। 

चौगामा किसानों ने बताया कि उनका गन्ना भैसाना शुगर मिल में भेजा गया। जिसका पांच दिसंबर तक का भुगतान जून में भेजा गया, लेकिन अधिकारी अब जीएम साहब के छुट्टी जाने की बात कह रहे है और उनके वापस आने पर ही भुगतान देने के लिए किसानों से चक्कर लगवाए जा रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री किसानों को निशुल्क बिजली देने के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा और नलकूपों पर अभी भी मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नलकूपों पर मीटर लगाने का विरोध जारी रहेगा। इसके अलावा बढ़ाकर बिल भेजे जा रहे है। उन्होंने फसल बर्बाद करने वाले निराश्रित गोवंशों को पकड़वाने की मांग की।

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बांध से फैल रहा प्रदूषण
मौजिजाबाद नांगल गांव के किसान बिजेंद्र ने कहा कि दस साल पहले जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए कृष्णा नदी में चार बांध लगाए गए थे। जिससे वहां कीचड़ जमी हुई है। कृष्णा नदी में फैक्टरियों और नालों का दूषित पानी आने के कारण बांध के आसपास का भूजल भी दूषित हो गया। जिससे लोगों में कैंसर की बीमारी फैलती जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो लोग खुद ही बांध उखाड़ देंगे।

मणिपुर हिंसा में फंसा गृहस्वामी, ऊर्जा निगम ने काटा कनेक्शन
किसान मुनेश बरवाला ने कहा कि नांगल गांव का रहने वाला एक व्यक्ति गाड़ी चलाता है, जो तीन महीने से चल रही मणिपुर की हिंसा में फंस गया है। जिसकी पत्नी और बच्चे घर में है। आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम के कर्मियों ने बिल बकाया होने पर घर का कनेक्शन काट दिया। उधर, ग्राम प्रधान ने मकान मालिक के वापस आने पर बिल जमा कराने की जिम्मेदारी लेते हुए बिल जमा कराने की मांग की।

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लाइनमैन करते हैं अवैध वसूली, ट्रांसफर करो
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी हो रही है और लाइनमैन किसानों के कनेक्शन काटकर अवैध वसूली करने में जुटे हुए हैं। जिससे किसान परेशान हो गए हैं। उन्होंने लाइनमैनों का ट्रांसफर कर दूसरी जगह भेजने की मांग की। उधर, ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने अवैध वसूली करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा किसान इंद्रपाल ने खेतों में खराब ट्रांसफार्मरों को ठीक कराने की मांग की।

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