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Baghpat News: अब चढ़ेगा पारा, चलेगी मध्यम तीव्र हवा
Tue, 11 Apr 2023 05:01 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 11 Apr 2023 05:01 PM IST
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- किसानों को दी सिंचाई की सलाह
खेकड़ा। जनपद बागपत में आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम शुष्क रहेगा। अधिकतम तापमान 38.0 से 41.0 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 20.0 से 21.0 डिग्री सेल्सियस रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में सिंचाई करने की सलाह दी है।
खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विज्ञानी डाॅ. अंकिता नेगी ने बताया कि 12 से 16 अप्रैल तक जनपद में मध्यम तीव्र हवा चलेगी। किसानों को फसल संबंधी सलाह दी जाती है कि टमाटर की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें। फलों को छेद करने वाले कीटों से बचाने के लिए फल तोड़ने के बाद कार्बोसल्फान 25 ई.सी. दो मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करे। छिड़काव के 3-4 दिन बाद तक फल की तुड़ाई न करें। गेंहू की फसल काटने के बाद गन्ने की फसल लेनी हो तो उन खेतों में पलेवा करने के बाद बुवाई करे। हल्दी तथा अदरक की बुवाई के बाद खेत को सूखी पुवाल, घास-फूस या पत्ती से ढक दें। इससे खेत में खरपतवार का जमाव नहीं होगा और मिटटी में नमी बनी रहेगी। इन पत्तियों के सड़ने से मिट्टी में जीवांश पदार्थ की मात्रा बढ़ती है।
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खेकड़ा। जनपद बागपत में आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम शुष्क रहेगा। अधिकतम तापमान 38.0 से 41.0 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 20.0 से 21.0 डिग्री सेल्सियस रहेगा। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में सिंचाई करने की सलाह दी है।
खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विज्ञानी डाॅ. अंकिता नेगी ने बताया कि 12 से 16 अप्रैल तक जनपद में मध्यम तीव्र हवा चलेगी। किसानों को फसल संबंधी सलाह दी जाती है कि टमाटर की फसल में आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें। फलों को छेद करने वाले कीटों से बचाने के लिए फल तोड़ने के बाद कार्बोसल्फान 25 ई.सी. दो मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करे। छिड़काव के 3-4 दिन बाद तक फल की तुड़ाई न करें। गेंहू की फसल काटने के बाद गन्ने की फसल लेनी हो तो उन खेतों में पलेवा करने के बाद बुवाई करे। हल्दी तथा अदरक की बुवाई के बाद खेत को सूखी पुवाल, घास-फूस या पत्ती से ढक दें। इससे खेत में खरपतवार का जमाव नहीं होगा और मिटटी में नमी बनी रहेगी। इन पत्तियों के सड़ने से मिट्टी में जीवांश पदार्थ की मात्रा बढ़ती है।
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