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बागपत में एक भी मदरसे को नहीं स्थायी मान्यता
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बागपत। जिले में एक भी मदरसे को स्थायी मान्यता नहीं है, जबकि 26 मदरसे अस्थायी रूप से संचालित हो रहे हैं। मदरसों के मानकों की जांच के लिए डीएम ने समिति गठित कर दी है। जिसमें तीनों एसडीएम के नेतृत्व में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व बीएसए जांच करेंगे।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित मदरसों में अक्सर नियमों का पालन व मानक पूरे नहीं करने के मामले सामने आते रहते हैं। डीएम राजकमल यादव ने जिले में अस्थायी रूप से संचालित 26 मदरसों की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। जिसमें तीनों तहसीलों के एसडीएम समिति के अध्यक्ष रहेंगे। एसडीएम के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी की टीम शासन से जारी 12 बिंदुओं की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजेगी। जांच के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
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इन बिंदुओं पर होगी जांच
मदरसों की जांच के लिए गठित की गई समिति मदरसे का नाम, मदरसे को संचालित करने वाली संस्था, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण, मदरसे का भवन छात्रों के लिए उपयुक्त है या नहीं, मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, मदरसे की आय का स्रोत, मदरसे में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का पंजीकरण दूसरे विद्यालय में तो नहीं, किसी गैर सरकारी संस्था से मदरसा संबद्ध तो नहीं समेत 12 बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
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पांच मदरसों ने नहीं दी छात्रों की संख्या की जानकारी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले में संचालित अस्थाई मदरसों से छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी मांगी थी, लेकिन पांच मदरसों ने जानकारी नहीं दी। जिसमें बड़ौत, तितरौंदा, डौला, बालैनी, मीतली के मदरसे शामिल हैं।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संचालित मदरसों में अक्सर नियमों का पालन व मानक पूरे नहीं करने के मामले सामने आते रहते हैं। डीएम राजकमल यादव ने जिले में अस्थायी रूप से संचालित 26 मदरसों की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। जिसमें तीनों तहसीलों के एसडीएम समिति के अध्यक्ष रहेंगे। एसडीएम के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी की टीम शासन से जारी 12 बिंदुओं की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजेगी। जांच के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
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इन बिंदुओं पर होगी जांच
मदरसों की जांच के लिए गठित की गई समिति मदरसे का नाम, मदरसे को संचालित करने वाली संस्था, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण, मदरसे का भवन छात्रों के लिए उपयुक्त है या नहीं, मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, मदरसे की आय का स्रोत, मदरसे में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का पंजीकरण दूसरे विद्यालय में तो नहीं, किसी गैर सरकारी संस्था से मदरसा संबद्ध तो नहीं समेत 12 बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
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पांच मदरसों ने नहीं दी छात्रों की संख्या की जानकारी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले में संचालित अस्थाई मदरसों से छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी मांगी थी, लेकिन पांच मदरसों ने जानकारी नहीं दी। जिसमें बड़ौत, तितरौंदा, डौला, बालैनी, मीतली के मदरसे शामिल हैं।