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Baghpat News: न मौका-मुआयना, न पीडि़त से बात, रिपोर्ट ओके
Thu, 08 Feb 2024 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 08 Feb 2024 12:32 AM IST
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बागपत, बड़ौत। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर आई शिकायतों का मौकेे पर जाकर पारदर्शिता के साथ निस्तारण कराए जाने पर जोर दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के आदेशों को दरकिनार कर बड़ौत तहसील के लेखपाल ने न मौका-मुआयना किया और न ही पीड़ित से बातचीत और रिपोर्ट पर पीड़ित को संतुष्ट दर्शाकर शिकायत कर निस्तारण कर दिया। पीड़ित ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
मामला साेंटी गांव के जंगल में स्थित एक रकबे का है। मुकुंदपुर गांव के किसान लोकेश ने सात महीने पहले तहसील में प्रार्थना पत्र देकर सोंटी रकबे में सरकारी नाली व चकरोड पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने की शिकायत की थी। शिकायत प्राप्त होने पर एसडीएम सुभाष सिंह के निर्देशों पर उस समय तैनात लेखपाल बिजेन्द्र ने मौके पर जाकर नाली व चकरोड को कब्जामुक्त कराने के लिए निशानदेही भी की थी, लेकिन तभी उनका स्थानांतरण हो गया। आरोप है कि उसके बाद आए लेखपाल ने मौके पर जाए बिना सरकारी नाली को कब्जा मुक्त व चालू दर्शा दिया और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपकर गुमराह किया।
जब पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत का फर्जी निस्तारण किए जाने की शिकायत की तो फिर से लेखपाल ने बिना मौका-मुआयना व बिना पीड़ित से बातचीत किए रिपोर्ट ओके कर दी और पीड़ित को भी संतुष्ट दर्शा दिया, जबकि पीड़ित से बातचीत तक नहीं हुई। अब पीड़ित ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप कर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और नाली व चकरोड को कब्जामुक्त कराए जाने की आवाज उठाई।
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वर्जन- यदि इस तरह का मामला है तो गंभीर है, मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष सिंह एसडीएम बड़ौत।
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मामला साेंटी गांव के जंगल में स्थित एक रकबे का है। मुकुंदपुर गांव के किसान लोकेश ने सात महीने पहले तहसील में प्रार्थना पत्र देकर सोंटी रकबे में सरकारी नाली व चकरोड पर हुए अवैध कब्जे को हटवाने की शिकायत की थी। शिकायत प्राप्त होने पर एसडीएम सुभाष सिंह के निर्देशों पर उस समय तैनात लेखपाल बिजेन्द्र ने मौके पर जाकर नाली व चकरोड को कब्जामुक्त कराने के लिए निशानदेही भी की थी, लेकिन तभी उनका स्थानांतरण हो गया। आरोप है कि उसके बाद आए लेखपाल ने मौके पर जाए बिना सरकारी नाली को कब्जा मुक्त व चालू दर्शा दिया और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपकर गुमराह किया।
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जब पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत का फर्जी निस्तारण किए जाने की शिकायत की तो फिर से लेखपाल ने बिना मौका-मुआयना व बिना पीड़ित से बातचीत किए रिपोर्ट ओके कर दी और पीड़ित को भी संतुष्ट दर्शा दिया, जबकि पीड़ित से बातचीत तक नहीं हुई। अब पीड़ित ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप कर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और नाली व चकरोड को कब्जामुक्त कराए जाने की आवाज उठाई।
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वर्जन- यदि इस तरह का मामला है तो गंभीर है, मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष सिंह एसडीएम बड़ौत।