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जिले में संसाधनों का अभाव, हालत बिगडने पर रेफर कर दिए जाते है मरीज
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जिले में नहीं एल-3 अस्पताल, नहीं मिला रेमडेसिविर इंजेक्शन
बागपत। जिले में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। यहां एक भी लेवल-3 का अस्पताल नहीं है। इस कारण संक्रमण में कारगर माने जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई भी नहीं मिल सकी है। गंभीर मरीजों को मजबूरी में मेरठ, दिल्ली और अन्य जगहों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। खेकड़ा में एक एल-2 अस्पताल है, जहां वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।
एक सप्ताह में चार मरीज हुए रेफर
संसाधनों के अभाव में एक सप्ताह में खेकड़ा के एल-2 अस्पताल से चार मरीज दिल्ली रेफर किए गए हैं। अस्पताल के प्रभारी डॉ. ताहिर ने बताया कि इनमें एक मरीज शुगर, दूसरा हार्ट, तीसरा बीपी का मरीज था, चौथे को खून की कमी के चलते रेफर किया गया है।
क्या है रेमडेसिविर इंजेक्शन
रेमडेसिविर इंजेक्शन एक एंटी वायरल ड्रग्स है। संक्रमण से लंग्स इंफेक्शन होने पर मरीज को यह इंजेक्शन लगाना होता है। पहले दिन मरीज को इंजेक्शन की दो डोज और फिर पांच दिन तक लगातार एक डोज लगाई जाती है।
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वर्जन
अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। मरीजों का उपचार इंजेक्शन में प्रयुक्त होने वाले साल्ट की दवाइयों से किया जा रहा है। मेरठ मेडिकल कालेज में इंजेक्शन उपलब्ध है। मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल रेफर किया जाता है।
- डॉ. ताहिर, प्रभारी एल-2 अस्पताल खेकड़ा
रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई अधिकतम एल-3 अस्पतालों में की जाती है। जिले में एक भी एल-3 अस्पताल नहीं है। कहीं-कहीं पर एल-2 अस्पतालों में भी इस इंजेक्शन की सप्लाई दी गई है। शासन स्तर से जिले में इजेक्शन की सप्लाई नहीं मिली है। अगर सप्लाई मिलती है, तो मरीजों को इंजेक्शन दिया जाएगा।
- सीएमओ डॉ. आरके टंडन
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बागपत। जिले में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। यहां एक भी लेवल-3 का अस्पताल नहीं है। इस कारण संक्रमण में कारगर माने जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई भी नहीं मिल सकी है। गंभीर मरीजों को मजबूरी में मेरठ, दिल्ली और अन्य जगहों के लिए रेफर करना पड़ रहा है। खेकड़ा में एक एल-2 अस्पताल है, जहां वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।
एक सप्ताह में चार मरीज हुए रेफर
संसाधनों के अभाव में एक सप्ताह में खेकड़ा के एल-2 अस्पताल से चार मरीज दिल्ली रेफर किए गए हैं। अस्पताल के प्रभारी डॉ. ताहिर ने बताया कि इनमें एक मरीज शुगर, दूसरा हार्ट, तीसरा बीपी का मरीज था, चौथे को खून की कमी के चलते रेफर किया गया है।
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क्या है रेमडेसिविर इंजेक्शन
रेमडेसिविर इंजेक्शन एक एंटी वायरल ड्रग्स है। संक्रमण से लंग्स इंफेक्शन होने पर मरीज को यह इंजेक्शन लगाना होता है। पहले दिन मरीज को इंजेक्शन की दो डोज और फिर पांच दिन तक लगातार एक डोज लगाई जाती है।
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वर्जन
अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। मरीजों का उपचार इंजेक्शन में प्रयुक्त होने वाले साल्ट की दवाइयों से किया जा रहा है। मेरठ मेडिकल कालेज में इंजेक्शन उपलब्ध है। मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल रेफर किया जाता है।
- डॉ. ताहिर, प्रभारी एल-2 अस्पताल खेकड़ा
रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई अधिकतम एल-3 अस्पतालों में की जाती है। जिले में एक भी एल-3 अस्पताल नहीं है। कहीं-कहीं पर एल-2 अस्पतालों में भी इस इंजेक्शन की सप्लाई दी गई है। शासन स्तर से जिले में इजेक्शन की सप्लाई नहीं मिली है। अगर सप्लाई मिलती है, तो मरीजों को इंजेक्शन दिया जाएगा।
- सीएमओ डॉ. आरके टंडन