फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   No kits to check swine flu

स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट नहीं

Sat, 02 Sep 2017 01:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sat, 02 Sep 2017 01:06 AM IST
विज्ञापन
No kits to check swine flu
बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित मरीज। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एनसीआर ही नहीं, बल्कि वेस्ट यूपी में स्वाइन फ्लू ने दहशत फैला दी है। लेकिन बागपत में इसकी जांच के लिए किट तक नहीं है। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार के मरीजों की कतार लगी है। डॉक्टर मॉस्क पहनकर इलाज कर रहे हैं। सीएमएस कहते हैं कि किट के  लिए शासन को पत्र लिख दिया है। बगैर जांच किट के सैंपल मेरठ भेजे जाते हैं।  
विज्ञापन


जिला अस्पताल में रोजाना बुखार के करीब साढ़े चार सौ मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले माह कई मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले थे। जांच में कुछ मरीजों में डेंगू की पुष्टि भी हो चुकी है। डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू सबसे बड़ा खतरा बन गया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की स्वाइन फ्लू से निपटने की कमजोर तैयारी नजर आ रही है।
विज्ञापन


बागपत में स्वाइन फ्लू की जांच नहीं होती है। ब्लड सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजे जाते हैं। बागपत में जांच किट नहीं है।  जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ राजेश कुमार का कहना है कि स्वाइन फ्लू लक्षण के कई मरीज अस्पताल में आ चुके है। जांच की सुविधा न होने के कारण उसको रेफर कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, सीएमएस डॉ बीएलएस कुशवाहा का दावा है कि स्वाइन फ्लू से ग्रस्त कोई मरीज अभी अस्पताल नहीं पहुंचा है। सैंपल के लिए किट की डिमांड लखनऊ मुख्यालय में की गई है। जल्द ही किट उपलब्ध हो जाएगी।  

स्वाइन फ्लू से निरपुड़ा गांव की महिला की एक माह पूर्व मौत हो चुकी है। तवेलागढ़ी निवासी ब्रहमसिंह भी चपेट में आ गया था। उसका गाजियाबाद अस्पताल में उपचार चला। स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि निरपुड़ा की महिला मेरठ में रहती थी, वहीं से स्वाइन फ्लू की चपेट में आई। जिले में बीमारी का खतरा नहीं है। 

स्वाइन फ्लू के लक्षण  
चिकित्सकों के मुताबिक स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य जुखाम जैसे ही होते है। इसमें 100 डिग्री तक बुखार आता है। भूख कम लगती है। नाक से पानी आता है और सांस में तकलीफ होती है। कुछ मरीजों के गले में जलन उल्टी के अलावा डायरिया हो जाता है।  

निगरानी के लिए टीम का गठन  
बागपत।  एसीएमओ डाक्टर नीरज त्यागी व जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डाक्टर दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में एक रेपिड रेस्पांस टीम का गठन किया गया है। 


ओपीडी में नहीं मिले डॉक्टर, नाराजगी 
बागपत। जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले। सरूरपुर कलां के सुभाष नैन ने बताया कि इसकी शिकायत सीएमओ से की गई है। मरीज इधर से उधर भटकते रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed