‘हादसा नहीं, मेरे बेटे की हत्या की गई’
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परिजनों संग आई अनिता का कहना है कि उसके बेटे रितिक उर्फ वंश (15) को गांव के ही युवक 16 मई को शाम करीब साढ़े तीन बजे घर से बुलाकर ले गए थे। रात में आरोपियों ने उनके घर किसी व्यक्ति से सूचना भिजवाई कि वंश को चोट लग गई है।
वह बड़ौत अस्पताल में भर्ती है। जब तक वे अस्पताल पहुंचे वंश की मौत हो चुकी थी। उसने वंश की हत्या का आरोप लगाते हुए छपरौली थाना पर नामजद तहरीर दी थी, पर पुलिस ने अब तक हत्या की धारा में केस दर्ज नहीं किया है।