बागपत: पहाड़ों पर बारिश के बाद यमुना में छोड़ा नौ हजार क्यूसेक पानी, किसानों की फसल बर्बाद
पहाड़ों में कुछ दिन पूर्व हुई बारिश के बाद नौ जनवरी को हथनी कुंड बैराज से यमुना में नौ हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस पानी के कारण शुक्रवार की बागपत में यमुना का जलस्तर बढ़ गया। इससे कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से यदि पहले ही जानकारी दी जाती तो फसलों को बचाने का प्रयास हो सकता था।
कुछ दिन पूर्व पहाड़ों के अलावा मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई थी। इसके बाद हथनीकुंड बैराज से नौ जनवरी को नौ हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार की देर रात छोड़े गए पानी से यमुना का जल स्तर बढ़ गया है। इससे गेहूं और प्लेज यानी खरबूजे-तरबूज की फसल में पानी पहुंच गया है।
निवाड़ा के किसान यासीन, शेर अली, शाबू, जमील, फारूख, दिलशाद, ताज अली ने बताया कि प्लेज में पानी जाने से पौध खराब हो जाएगी। इससे उन्हें हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा है। अगर प्रशासन की ओर से उन्हें समय रहते पानी बढ़ने की सूचना दे दी जाती है तो वह अपनी फसलों की काफी हद तक सुरक्षा कर लेते।
निवाड़ा ग्राम प्रधान के प्रति सरवर राणा ने कहा कि जिला प्रशासन को यमुना में बढ़े जल स्तर की सूचना देनी चाहिए, जिससे किसान अपनी फसलों की थोड़ी बहुत सुरक्षा कर लें। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि नौ जनवरी को नौ हजार 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसकी वजह से यमुना का जल स्तर बढ़ा है। रविवार को पानी का स्तर कम हो जाएगा।