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घर लौटी निहारिका, बोली सरकार ने हर कदम पर दिया साथ
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युक्रेन से वापस लौटने पर अपने परिजनो के साथ बडागांव मे अपने घर पर बैठी निहारिका त्यागी
- फोटो : KAHKRA
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खेकड़ा (बागपत)। यूक्रेन से घर पहुंची बड़ागांव निवासी निहारिका त्यागी ने बताया रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने के लिए उसे 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। यूक्रेन बॉर्डर पर माइनस दो डिग्री में बिना कंबल के रात बिताई। मगर, वह सभी चुनौतियों को पार कर परिवार के पास सुरक्षित पहुंच गई है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा। बताया कि भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की कदम कदम पर सहायता की है।
बड़ागांव निवासी श्रीओम त्यागी की पुत्री निहारिका त्यागी यूक्रेन के इवानो शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। वह प्रथम वर्ष की छात्रा है। निहारिका बृहस्पतिवार की सुबह सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है। घर आकर उसने अपने देश और तिरंगे की तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा। बताया कि वह पांच दिन के संघर्ष के बाद रोमानिया बॉर्डर पहुंची थी। लंबे ट्रैफिक के कारण उसे 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। यूक्रेन बोर्डर पर माइनस दो डिग्री पर दो रात बिना कंबल के बिताई। भारतीय दूतावास ने इंडिया का ध्वज लगाकर चलने की एडवाइजरी जारी की थी। इसका छात्रों के सभी दलों ने पालन किया। नतीजन उसका दल बिना किसी सैन्य बाधा के सोमवार को रोमानिया बॉर्डर पहुंच गया था। भारतीय दूतावास और रोमानिया के एनजीओ की ओर से उनको खाना, रहना, कंबल आदि दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह उनका दल रोमानिया के बुडापेस्ट एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के ग्लोबमास्टर विमान से दस घंटे सफर करने के बाद गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा और वहां से घर वापसी हुई।
मां के गले मिलकर रो पड़ी निहारिका
हिंडन एयरबेस पर निहारिका मां मीनाक्षी के गले लग कर रो पड़ी। मां की आंखों में भी खुशी के आंसू भर आए। मां मीनाक्षी ने भी भारत सरकार को धन्यवाद दिया। कहा कि आज मेरी बेटी भारत सरकार की सही नीतियों के कारण जिंदा लौटी है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भारतीय दूतावास बधाई के पात्र है।
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पिता श्रीओम ने पीएम फंड में राशि देने की इच्छा व्यक्त की
पिता श्रीओम त्यागी ने बताया कि उनकी बेटी सुरक्षित घर वापिस आ गई, ये परिवार के लिए खुशी की बात है। भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार है। वे पीएम राहत कोष में सामर्थ्य के अनुसार जल्द ही कुछ धनराशि जमा कर सरकार का आभार व्यक्त करेंगे।
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बड़ागांव निवासी श्रीओम त्यागी की पुत्री निहारिका त्यागी यूक्रेन के इवानो शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थी। वह प्रथम वर्ष की छात्रा है। निहारिका बृहस्पतिवार की सुबह सुरक्षित अपने घर पहुंच गई है। घर आकर उसने अपने देश और तिरंगे की तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा। बताया कि वह पांच दिन के संघर्ष के बाद रोमानिया बॉर्डर पहुंची थी। लंबे ट्रैफिक के कारण उसे 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था। यूक्रेन बोर्डर पर माइनस दो डिग्री पर दो रात बिना कंबल के बिताई। भारतीय दूतावास ने इंडिया का ध्वज लगाकर चलने की एडवाइजरी जारी की थी। इसका छात्रों के सभी दलों ने पालन किया। नतीजन उसका दल बिना किसी सैन्य बाधा के सोमवार को रोमानिया बॉर्डर पहुंच गया था। भारतीय दूतावास और रोमानिया के एनजीओ की ओर से उनको खाना, रहना, कंबल आदि दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह उनका दल रोमानिया के बुडापेस्ट एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के ग्लोबमास्टर विमान से दस घंटे सफर करने के बाद गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा और वहां से घर वापसी हुई।
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मां के गले मिलकर रो पड़ी निहारिका
हिंडन एयरबेस पर निहारिका मां मीनाक्षी के गले लग कर रो पड़ी। मां की आंखों में भी खुशी के आंसू भर आए। मां मीनाक्षी ने भी भारत सरकार को धन्यवाद दिया। कहा कि आज मेरी बेटी भारत सरकार की सही नीतियों के कारण जिंदा लौटी है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भारतीय दूतावास बधाई के पात्र है।
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पिता श्रीओम ने पीएम फंड में राशि देने की इच्छा व्यक्त की
पिता श्रीओम त्यागी ने बताया कि उनकी बेटी सुरक्षित घर वापिस आ गई, ये परिवार के लिए खुशी की बात है। भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार है। वे पीएम राहत कोष में सामर्थ्य के अनुसार जल्द ही कुछ धनराशि जमा कर सरकार का आभार व्यक्त करेंगे।