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न जूते और न दस्ताने फिर भी नालों की सफाई में जुटे कर्मचारी
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बड़ौत। सफाई कर्मचारी कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर नगर में सफाई का कार्य कर रहे हैं। इनके पास न तो जूता है और न ही हाथ में दस्ताना। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर नगर पालिका प्रशासन कतई गंभीर नहीं है।
सफाई कर्मचारी राजेश, सुनील, पंकज, दिनेश, कल्लू का कहना है कि नालों की सफाई चल रही है। दस्ताने और जूते बगैर ही नाले व नालियों उतरना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना जरूरी है। नाला में उतरकर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों को ऑक्सीजन मास्क, जूते, हाथों में पहनने के वाटर प्रूफ दस्ताने और वाटर प्रूफ वर्दी उपलब्ध कराना जरूरी है।
इस संबंध में नगरपालिका परिषद के ईओ अनुज कौशिक का कहना है कि सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिएं गए थे, फिलहाल इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली। यदि शिकायत आती है तो सफाई कर्मचारी को तत्काल सुरक्षा उपकरण दिलवाए जाएंगे।
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सफाई कर्मचारी राजेश, सुनील, पंकज, दिनेश, कल्लू का कहना है कि नालों की सफाई चल रही है। दस्ताने और जूते बगैर ही नाले व नालियों उतरना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना जरूरी है। नाला में उतरकर सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों को ऑक्सीजन मास्क, जूते, हाथों में पहनने के वाटर प्रूफ दस्ताने और वाटर प्रूफ वर्दी उपलब्ध कराना जरूरी है।
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इस संबंध में नगरपालिका परिषद के ईओ अनुज कौशिक का कहना है कि सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिएं गए थे, फिलहाल इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली। यदि शिकायत आती है तो सफाई कर्मचारी को तत्काल सुरक्षा उपकरण दिलवाए जाएंगे।
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