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लापरवाही कान को कर सकता है प्रभावित
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गले में सूजन व चुभन होता है तो ले गर्म पानी व भाप
बड़ौत। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कोरोना अपना पैर पसार रहा है। नियंत्रण के लिए कोरोना टीकाकरण बहुत जरूरी है। लेकिन कोरोना टीका लगवाने के बाद भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना नितांत आवश्यक है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार की मानें तो कोरोना कान को भी प्रभावित करता है, क्योकि नाक व मुंह से कान का जुड़ाव रहता है। अगर किसी के गले में सूजन है तो उसका असर कान पर भी पड़ता है। इसलिए गले में सूजन व चुभन होने पर गर्म पानी व भाप लेना चाहिए। इसके अलावा चिकित्सकीय सलाह के बाद दवा लेना चाहिए। बताया कि जितना सावधानी वैक्सीन लेने से पहले बरती थी, उतनी ही सावधानी वैक्सीन लेने के बाद भी बरतनी होगी।
सवाल- कैसे समझे की हम संक्रमित है।
जवाब- बिना कोरोना जांच नहीं कहा जा सकता है कि आप संक्रमित है। लेकिन अगर खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण है तो यह कोरोना भी हो सकता है और वायरल भी बीमारी हो सकती है। ऐसी स्थिति में जांच करा लेनी चाहिए।
सवाल- संक्रमित व्यक्ति को भोजन में क्या लेना चाहिए।
जवाब- संक्रमित व्यक्ति को ताजा भोजन का प्रयोग करना चाहिए। जिसमें प्रोटीन की मात्रा हो। जैसे पनीर, अंडा, दाल आदि। इसी प्रकार मिनिरल एवं विटामिन सी व डी युक्त भोजन या तरल पदार्थ लेना चाहिए।
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सवाल- क्या कोरोना कान को प्रभावित करता है।
जवाब- हां, कोरोना कान को भी प्रभावित करता है, क्योकि कान का संबंध नाक व मुंह से होता है। इसलिए अगर गला में सूजन व चुभन या सांस लेने में तकलीफ होगी तो कान के पर्दे में भी सूजन एवं कान की नसों को स्थाई डैमेज कर सकता है। जिससे स्थाई रूप से बहेरापन का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गर्म पानी तथा भाप लेना नितांत आवश्यक है।
सवाल- अगर मेेरा परिवार संक्रमित है तो क्या करना चाहिए।
जवाब- अगर आपका पूरा परिवार संक्रमित है तो डरने की जरूरत नहीं है, क्योकि यह 100 परिवार के सदस्य में से एक व्यक्ति को प्रभावित करेगा। 90 लोग स्वयं ही स्वस्थ हो जाएंगे। जबकि नौ लोगों में बुखार, खांसी व जुकाम आदि के लक्षण मिल सकते हैं, जो चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर दवा लेने से ठीक हो जाएंगे।
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बड़ौत। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कोरोना अपना पैर पसार रहा है। नियंत्रण के लिए कोरोना टीकाकरण बहुत जरूरी है। लेकिन कोरोना टीका लगवाने के बाद भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना नितांत आवश्यक है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार की मानें तो कोरोना कान को भी प्रभावित करता है, क्योकि नाक व मुंह से कान का जुड़ाव रहता है। अगर किसी के गले में सूजन है तो उसका असर कान पर भी पड़ता है। इसलिए गले में सूजन व चुभन होने पर गर्म पानी व भाप लेना चाहिए। इसके अलावा चिकित्सकीय सलाह के बाद दवा लेना चाहिए। बताया कि जितना सावधानी वैक्सीन लेने से पहले बरती थी, उतनी ही सावधानी वैक्सीन लेने के बाद भी बरतनी होगी।
सवाल- कैसे समझे की हम संक्रमित है।
जवाब- बिना कोरोना जांच नहीं कहा जा सकता है कि आप संक्रमित है। लेकिन अगर खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण है तो यह कोरोना भी हो सकता है और वायरल भी बीमारी हो सकती है। ऐसी स्थिति में जांच करा लेनी चाहिए।
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सवाल- संक्रमित व्यक्ति को भोजन में क्या लेना चाहिए।
जवाब- संक्रमित व्यक्ति को ताजा भोजन का प्रयोग करना चाहिए। जिसमें प्रोटीन की मात्रा हो। जैसे पनीर, अंडा, दाल आदि। इसी प्रकार मिनिरल एवं विटामिन सी व डी युक्त भोजन या तरल पदार्थ लेना चाहिए।
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सवाल- क्या कोरोना कान को प्रभावित करता है।
जवाब- हां, कोरोना कान को भी प्रभावित करता है, क्योकि कान का संबंध नाक व मुंह से होता है। इसलिए अगर गला में सूजन व चुभन या सांस लेने में तकलीफ होगी तो कान के पर्दे में भी सूजन एवं कान की नसों को स्थाई डैमेज कर सकता है। जिससे स्थाई रूप से बहेरापन का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में गर्म पानी तथा भाप लेना नितांत आवश्यक है।
सवाल- अगर मेेरा परिवार संक्रमित है तो क्या करना चाहिए।
जवाब- अगर आपका पूरा परिवार संक्रमित है तो डरने की जरूरत नहीं है, क्योकि यह 100 परिवार के सदस्य में से एक व्यक्ति को प्रभावित करेगा। 90 लोग स्वयं ही स्वस्थ हो जाएंगे। जबकि नौ लोगों में बुखार, खांसी व जुकाम आदि के लक्षण मिल सकते हैं, जो चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर दवा लेने से ठीक हो जाएंगे।