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Baghpat News: आज से नवरात्र शुरू, घरों में तैयारियों में लगे रहे श्रद्धालु
Sun, 30 Mar 2025 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:32 AM IST
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मेरे घर भी आना माता रानी:- बागपत के गांधी बाजार में नवरात्र पर्व के लिए मां की सांझी खरीदती महि
बागपत। चैत्र नवरात्र रविवार से शुरू हो जाएंगे और नौ दिन तक देवी के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाएगी। उधर, शनिवार को श्रद्धालु नवरात्रों की तैयारियों में जुटे रहे। इसके अलावा खरीदारी के लिए बाजारों में शनिवार शाम तक भीड़ रही और कलश स्थापना से लेकर व्रत के लिए अन्य सामान की लोग खरीदारी करते रहे।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि 29 मार्च को शाम 4:28 बजे प्रतिप्रदा तिथि का शुभारंभ हो गया, मगर उदय तिथि के चलते 30 मार्च को प्रथम नवरात्र मनाया जाएगा। सुबह 6:19 बजे से 10:22 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके उपरांत दोपहर 12:01 बजे से 12:43 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में कलश की स्थापना कर सकते हैं।
उनके अनुसार नवरात्र की पूजा अर्चना में कलश स्थापना को भगवान विष्णु माना जाता है। नवरात्र की पूजा से पहले कलश की पूजा की जाएगी। इसके लिए स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर देवी देवताओं को आमंत्रित किया जाता है। सुबह स्नान करके पूजा और व्रत का संकल्प ले।
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उन्होंने बताया कि 30 मार्च को पहले दिन शैलपुत्री, 31 मार्च को ब्रहमचारिणी, एक अप्रैल को चंद्रघंटा आैर कुष्मांडा, दो अप्रैल को स्कंदमाता, तीन अप्रैल को कात्यायनी, चार अप्रैल को कालरात्रि, पांच अप्रैल को महागौरी व छह अप्रैल को सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि 29 मार्च को शाम 4:28 बजे प्रतिप्रदा तिथि का शुभारंभ हो गया, मगर उदय तिथि के चलते 30 मार्च को प्रथम नवरात्र मनाया जाएगा। सुबह 6:19 बजे से 10:22 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके उपरांत दोपहर 12:01 बजे से 12:43 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में कलश की स्थापना कर सकते हैं।
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उनके अनुसार नवरात्र की पूजा अर्चना में कलश स्थापना को भगवान विष्णु माना जाता है। नवरात्र की पूजा से पहले कलश की पूजा की जाएगी। इसके लिए स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर देवी देवताओं को आमंत्रित किया जाता है। सुबह स्नान करके पूजा और व्रत का संकल्प ले।
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उन्होंने बताया कि 30 मार्च को पहले दिन शैलपुत्री, 31 मार्च को ब्रहमचारिणी, एक अप्रैल को चंद्रघंटा आैर कुष्मांडा, दो अप्रैल को स्कंदमाता, तीन अप्रैल को कात्यायनी, चार अप्रैल को कालरात्रि, पांच अप्रैल को महागौरी व छह अप्रैल को सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाएगी।