{"_id":"6086e0338ebc3e591351edb7","slug":"naushad-saved-his-friend-ankits-life-after-the-doctor-him-to-bring-the-oxygen-with-him-in-baghpat","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : सांस लेने में हुई परेशानी तो चिकित्सक ने खड़े किए हाथ, फरिश्ता बना नौशाद, ऑक्सीजन देकर बचाई अंकित की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : सांस लेने में हुई परेशानी तो चिकित्सक ने खड़े किए हाथ, फरिश्ता बना नौशाद, ऑक्सीजन देकर बचाई अंकित की जान
Tue, 27 Apr 2021 02:53 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 27 Apr 2021 02:53 AM IST
सार
- सांस लेने में दिक्कत थी, डॉक्टर ने खुद इंतजाम करने को कह दिया था
- नौशाद ने अपनी वेल्डिंग मशीन में लगा ऑक्सीजन सिलिंडर उतार दे दिया
विज्ञापन
ankit and naushad
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत में रमाला थानाक्षेत्र कोरोना महामारी के बीच, हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक एकता की मिसाल देखने को मिली। सूप गांव के 28 वर्षीय अंकित को सांस लेने में दिक्कत होने पर निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने निजी स्तर पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कह दिया। कहीं भी सिलिंडर नहीं मिला।
विज्ञापन
यह बात जब किशनपुर बराल के नौशाद को पता चली तो उसने अपनी वेल्डिंग मशीन मेें लगा ऑक्सीजन सिलिंडर उतारकर दे दिया। अब अंकित की हालत में सुधार है। उसके परिजन नौशाद को भगवान का दूत बता रहे हैं।
विज्ञापन
किशनपुर बराल निवासी नौशाद की गांव में ही बैटरी बनाने की दुकान है। सोमवार को सूप गांव के जयभगवान के भतीजे अंकित को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिवार के लोग उसे लेकर अस्पताल की ओर दौड़े, लेकिन कहीं भी ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो पाई।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने उन्हें निजी स्तर पर ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने की सलाह दी। सिलिंडर की तलाश में पीड़ित परिवार किशनपुर बराल गांव में नौशाद के पास पहुंचा और मदद मांगी। नौशाद ने अपनी वेल्डिंग मशीन में लगा ऑक्सीजन सिलिंडर उतारकर उन्हें दे दिया। इसके बदले में पैसे लेने से भी इंकार कर दिया।
नौशाद ने बताया कि उसके पास एक मात्र सिलिंडर है। जब वह खाली होता है, तो उसके बदले में भरा हुआ सिलिंडर लाता है। संकट की इस घड़ी में आदमी को ही आदमी के काम आना चाहिए, धंधा तो सब चलता ही रहेगा। उधर, ऑक्सीजन मिलने के बाद अंकित की हालत में सुधार आया है। परिजन नौशाद को किसी फरिश्ते से कम नहीं मान रहे हैं।