मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: सीबीआई ने जेल में पुतले लगाकर दोहराया सीन, कुख्यात सुनील राठी के भांजे से की पूछताछ
Baghpat Murder Case : बागपत जेल पहुंची सीबीआई की टीम ने हत्या के सीन को पुतले लगाकर दोहराया। इस दौरान टीम ने कुख्यात सुनील राठी के भांजे परविंद्र से तीन घंटे तक पूछताछ की।
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माफिया डॉन रहे मुन्ना बजरंगी की पांच साल पहले हुई हत्या के मामले में सीबीआई की टीम ने तीसरी बार बागपत जिला जेल में पहुंचकर जांच की। जहां हत्या के सीन को पुतले लगाकर दोहराया गया तो कुख्यात सुनील राठी के भांजे परविंद्र से पूछताछ की गई। सीबीआई की टीम करीब तीन घंटे बाद वापस चली गई।
बड़ौत के पूर्व विधायक व भाजपा नेता लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के मामले में झांसी जेल से माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को पेशी पर बागपत लाया गया था। उसे आठ जुलाई 2018 को बागपत जेल भेजा गया था। उसकी जेल के अंदर ही नौ जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुन्ना बजरंगी को 12 गोलियां मारी गई थीं और उसके शरीर पर चोट के निशान भी मिले थे। मुन्ना बजरंगी की हत्या का आरोप बागपत जेल में बंद रहे कुख्यात सुनील राठी पर लगा था।
पुलिस ने उस समय खुलासा किया था कि सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी की जेल में बहस हो गई थी और इसके बाद सुनील राठी ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। मुन्ना बजरंगी पर 40 हत्याओं, लूट, रंगदारी की घटनाओं में शामिल होने के मुकदमे दर्ज थे।
पत्नी की याचिका पर शुरू हुई सीबीआई जांच
मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सीमा सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि जेल प्रशासन ने सुनील राठी से मिलीभगत करके यह हत्या कराई है। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई थी और उसके बाद सीबीआई जांच के आदेश हुए थे। लेकिन लखनऊ सीबीआई की जांच कई साल बाद भी लटकी रही तो उसके बाद वह जांच दिल्ली सीबीआई को ट्रांसफर की गई थी।
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सीबीआई के अधिकारियों ने जेल में पहुंचकर की जांच
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड को लेकर सीबीआई की टीम ने बृहस्पतिवार शाम को जिला जेल में पहुंचकर जांच की। वह सीधे जेल के अंदर चली गई और उसके बाद किसी के जेल के अंदर जाने व बाहर आने पर पाबंदी लगा दी गई। जेल अधीक्षक विष्णु कांत मिश्रा और जेलर जितेंद्र कश्यप पहले भी अपने कार्यालय में मौजूद रहे। वहां मुन्ना बजरंगी की हत्या के पूरे घटनाक्रम को पुतले लगाकर दोहराया गया। जिससे पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। सीबीआई की टीम तीन घंटे रहने के बाद चली गई। जेलर जितेंद्र कश्यप ने बताया कि इससे पहले भी सीबीआई टीम दो बार जांच करने के लिए आ चुकी है।
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