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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Mission 2022: Challenges will be made on their own in elections, many leaders can change the equation

मिशन 2022 : चुनाव में अपने ही बनेंगे चुनौती, एक-दूसरे का वोट बटोरने में कामयाब रहे तो कई नेता बदल सकते हैं समीकरण

Sun, 09 Jan 2022 03:35 PM IST
Dimple Sirohi अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत
अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 09 Jan 2022 03:35 PM IST
सार

पिछली बार जिस पार्टी से नेता चुनाव लड़े थे, इस बार उसके ही खिलाफ खड़े हैं। यदि ये इस बार एक-दूसरे के वोट बटोर लेते हैं तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

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Mission 2022: Challenges will be made on their own in elections, many leaders can change the equation
यूपी चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत विधानसभा चुनाव इस बार काफी रोमांचक होने वाला है। पिछली बार जिस पार्टी से नेता चुनाव लड़े थे, इस बार उसके ही खिलाफ खड़े हैं। ऐसा कोई एक नहीं, बल्कि कई नेता हैं। वहीं, पिछली बार रालोद व सपा गठबंधन चुनाव मैदान में है। यदि ये इस बार एक-दूसरे के वोट बटोर लेते हैं तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। 
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बागपत विधानसभा सीट पर वर्ष 2017 में बसपा से अहमद हमीद चुनाव मैदान में उतरे थे। वह इस बार बसपा के खिलाफ रालोद-सपा के लिए वोट मांग रहे हैं। इस तरह वह अपनी पिछली पार्टी बसपा की खिलाफत में लगे हुए हैं। इस सीट पर ऐसे ही दूसरे नेता डॉ. कुलदीप उज्ज्वल हैं वे पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। इस बार वह भी कांग्रेस के विपक्ष रालोद-सपा की नैया पार लगाने में लगे हैं। 
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बड़ौत सीट पर पुरानी पार्टी की खिलाफत करते दिखेंगे
बड़ौत विधानसभा सीट पर भी दो नेता पाला बदल चुके हैं। जहां पिछले चुनाव में पूर्व विधायक साहब सिंह ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा था। वहीं, इस बार वह रालोद की खिलाफत करते हुए भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं। पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित भी बदलाव की बयार में बह गए और पिछली बार बसपा से चुनाव लड़ने के बाद अबकी बार उसकी खिलाफत कर भाजपा की नैया पार लगाने में लगे हैं। 

छपरौली में रालोद के खिलाफ विधायक 
यहां सबसे बड़ी खिलाफत छपरौली सीट पर होगी। जहां रालोद से विधायक बने सहेंद्र सिंह रमाला अब उसकी ही खिलाफत कर भाजपा की चुनावी नैया पार लगाने में जुटे हैं। विधायक होने के कारण टिकट के सबसे बड़े दावेदार भी हैं। इसलिए यहां चुनाव सबसे रोचक हो सकता है। 

एक-दूसरे के प्रत्याशी का इंतजार
बागपत में तीनों विधानसभा सीटों से अभी तक केवल आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। वहीं, अन्य पार्टियां एक-दूसरे के प्रत्याशियों का इंतजार कर रही हैं। यह तय है कि रालोद व सपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो यहां रालोद के प्रत्याशी उतारे जाएंगे। जबकि भाजपा, बसपा व कांग्रेस भी अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी हैं। हालांकि अब चुनाव घोषणा व पहले चरण में चुनाव होने के कारण माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में प्रत्याशियों की घोषणा की जा सकती है।
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