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Baghpat News: बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किए बिना मिलों का पेराई सत्र शुरु करने की तैयारी

Wed, 02 Oct 2024 03:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Wed, 02 Oct 2024 03:53 AM IST
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Mills preparing to start crushing season without paying outstanding sugarcane price
बागपत। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किए बिना ही मिलों का पेराई सत्र शुरु करने की तैयारी हो गई है। मलकपुर मिल 18 अक्तूबर से चलने की उम्मीद है और बागपत व रमाला मिल पांच नवंबर से पेराई शुरू होगी। जबकि अभी किसानों का मलकपुर मिल पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया चल रहा है। भुगतान न होने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जिले के किसानों का 11 चीनी मिलों पर गन्ना जाता है। इनमें बागपत, रमाला, दौराला, तितावी, खतौली, मलकपुर, किनौनी, भैंसाना, ऊन, बृजनाथपुर और मोदीनगर शामिल है। इनमें से पांच चीनी मिलों ने किसानों का संपूर्ण गन्ना भुगतान कर दिया है, लेकिन छह चीनी मिल ऐसी हैं जो किसानों का समय से बकाया भुगतान नहीं कर रही है। मलकपुर मिल पर किसानों का 300 करोड़ से अधिक बकाया है और ऐसे में मिल चलाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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मिल 18 अक्तूबर से चलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं बागपत व रमाला मिल भी पांच नवंबर से शुरू हो जाएगी। मिल चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है और मशीनों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से चल रहा है। वहीं मलकपुर सहित अन्य मिलें बिना गन्ना बकाया भुगतान करें बिना चालू हो जाएगी और किसानों को दिया गया आश्वासन भी पूरा नहीं हुआ। अब किसानों को भी मजबूरी में मलकपुर मिल को गन्ना देना पड़ेगा।
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- किसानों की मजबूरी का अधिकारी व मिल मालिक फायदा उठाते हैं। उन्हें मजबूरी में मिल को ही गन्ना देना पड़ता है। इससे पहले क्षेत्र के किसानों की बैठक की जाएगी और उसके बाद गन्ना दिया जाएगा। - रविंद्र, बामनौली
- प्रशासन भी किसानों का गन्ना बकाया भुगतान की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। कई बार गन्ना क्रय केंद्र बदलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी क्रय केंद्र नहीं बदले जा रहे है। - सुखबीर, बामनौली
- यदि भुगतान नहीं होता है तो किसान कोई दूसरा रास्ता तलाश करेंगे। किसान अपना गन्ना कोल्हू में भी देने के लिए तैयार हैं और मलकपुर मिल का विरोध किया जाएगा। - कृष्णपाल, सिनौली
- प्रशासन भुगतान कराने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसके कारण किसानों को परेशानी होती है। अब पेराई सत्र भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसान क्या करें। - बोबी मान, सिनौली

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चीनी मिल बकाया
मलकपुर- 300 करोड़
किनौनी- 84 करोड़
भैंसाना- 28 करोड़
ऊन- 6 करोड़
बृजनाथपुर- 75 करोड़
मोदीनगर- 13 करोड़ 83 लाख
नोट: यह गन्ना विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार है।
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वर्जन
- किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि मलकपुर मिल अक्तूबर माह में चल जाएगी और नवंबर माह में बागपत व रमाला मिल का पेराई सत्र शुरू हो जाएगा। - अमर प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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