फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Migrant workers will prove to be the trump card

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव:तुरुप का इक्का साबित होंगे प्रवासी श्रमिक

Mon, 12 Apr 2021 11:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Apr 2021 11:37 PM IST
विज्ञापन
Migrant workers will prove to be the trump card
बड़ौत। कोरोना संक्रमण बढ़ने से बड़ी संख्या में गांव लौट रहे प्रवासी पंचायत चुनाव में काफी अहम होंगे। जिले से बड़ी संख्या में गैर राज्यों से युवा लौट रहे हैं। वहीं, प्रधान पद से लेकर जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी इन पर डोरे डाल रहे हैं। तमाम प्रत्याशियों ने प्रवासियों को बुलाने के लिए टिकट और वाहन का इंतजाम कर रखा है। ऐसे में गांवों का चुनावी रंग और चटक हो गया है।
विज्ञापन

जनपद की 244 ग्राम पंचायतों में चुनावी शोर है। इन ग्राम सभाओं की करीब 30 फीसदी आबादी मजदूरी पर आधारित है। यही कारण है कि यहां के लोग दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों में मजदूरी करते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पदों के प्रत्याशी इन्हें तुरुप का इक्का मान रहे हैं। ऐसे में प्रवासियों को घर वापस बुलाने के लिए टिकट समेत वाहनों का इंतजाम प्रत्याशियों द्वारा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं प्रवासी वोटरों के सहारे उनके घर और परिवार की वोट प्रत्याशी को मिलेंगी। इधर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर प्रवासियों की धड़कने तेज हैं। लॉकडाउन की दहशत उन्हें हर पल सता ही रही है। इसलिए वे प्रत्याशियों द्वारा किए इंतजाम को गंवाना नहीं चाह रहे हैं।
विज्ञापन

शराब में बोलबाला
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शराब का बोलबाला है। इसके चलते 12 दिन में जनपद के वोटर करीब 9 करोड़ रुपये की शराब गट गए हैं। जनपद में शराब की कुल 155 दुकानें हैं। जिनमेें 74 देशी शराब, 42 अंग्रेजी शराब व 39 बीयर की दुकानें हैं। आबकारी इंस्पेक्टर प्रेम सिंह ने बताया कि पंचायती चुनाव से राजस्व बढ़ा है। गत माह 15 करोड़ राजस्व आया था। वहीं, अभी मात्र 12 दिन में 9 करोड़ की शराब बिकी है। बताया कि जहां देशी शराब की 50 व अंग्रेजी शराब की 20 से 25 फीसदी खपत बढ़ गई है। उधर, कोराना के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन की दहशत से घर लौटे प्रवासी युवा प्रत्याशियों से करीबी बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीत का सेहरा बांध रहे नशेड़ी
पंचायत चुनाव को लेकर गांवों का नजारा अलग है। नशेड़ी चुनाव से पहले ही शराब मुहैया करा रहे प्रत्याशियों के सिर जीत का सेहरा बांधने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। यह दौर गांवों में दिन से लेकर आधी रात तक चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed