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Baghpat News: बदलाव के भंवर में फंसी महायोजना
Sat, 29 Jul 2023 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sat, 29 Jul 2023 12:36 AM IST
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महायोजना 2031 का नक्शा
बागपत। विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 बदलाव के भंवर में फंसी हुई है। अफसरों ने लापरवाही दिखाते हुए पहले आबादी की जगह औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित कर दिया तो अन्य कई जगह खामियां रही। जिसका आपत्तियों के निस्तारण के दौरान पता चला। अब अधिकारी महायोजना में बदलाव करने में जुटे है, जिससे अगस्त में प्रस्तावित बैठक में उसपर अंतिम मुहर लग सके।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का जून 2022 में खाका तैयार किया था। इसमें कलक्ट्रेट के सामने व्यावसायिक व इकोनॉमिक कॉरिडोर के पास औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना शामिल है। बागपत में टटीरी की तरफ आवासीय से लेकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई तो बड़ौत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के मेरठ व मुजफ्फरनगर रोड वाले चौराहों के पास सबसे ज्यादा विकास कराने की योजना है। इनके अलावा खेकड़ा में हसनपुर मसूरी व सुभानपुर की तरफ औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसपर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। इसको लेकर 568 आपत्तियां मिली थी, जिनपर तभी सुनवाई करके निस्तारण कर दिया था। उसके बाद भी महायोजना फाइलों में दबी रही। अब दोबारा से मामला उठा तो आपत्तियों पर पिछले महीने ही दोबारा सुनवाई हुई। उन आपत्तियों में जिस तरह की खामियां महायोजना में निकलकर आई है, उनके आधार पर महायोजना में बदलाव किया जा रहा है। वह बदलाव होने के बाद ही उसपर अंतिम मुहर लग सकती है।
महायोजना में इस तरह मिलीं खामियां
जिन जगहों पर घर बनाकर लोग रहने लगे हैं, वहां महायोजना 2031 में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित कर दिया गया था। इसके साथ ही आपत्तियां मिली थी कि डूंडाहेड़ा के पास हाईवे किनारे की सुविधाएं और सांकरौद में लॉजिस्टिक पार्क की जगह में बदलाव किया जाए। क्योंकि इन सभी का वहां कोई औचित्य नहीं है। यह भी बदलाव किया जा रहा है।
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महायोजना में कुछ बदलाव किया जा रहा है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी गाजियाबाद सीटीसीपी कार्यालय संभाल रहा है। महायोजना के ड्राफ्ट में बदलाव के बाद अगस्त में बोर्ड की बैठक रखी गई है। जहां महायोजना को रखा जाएगा और सबकुछ ठीक होने पर अंतिम मुहर लगेगी। - पंकज वर्मा, एडीएम
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बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का जून 2022 में खाका तैयार किया था। इसमें कलक्ट्रेट के सामने व्यावसायिक व इकोनॉमिक कॉरिडोर के पास औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना शामिल है। बागपत में टटीरी की तरफ आवासीय से लेकर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई गई तो बड़ौत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के मेरठ व मुजफ्फरनगर रोड वाले चौराहों के पास सबसे ज्यादा विकास कराने की योजना है। इनके अलावा खेकड़ा में हसनपुर मसूरी व सुभानपुर की तरफ औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसपर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। इसको लेकर 568 आपत्तियां मिली थी, जिनपर तभी सुनवाई करके निस्तारण कर दिया था। उसके बाद भी महायोजना फाइलों में दबी रही। अब दोबारा से मामला उठा तो आपत्तियों पर पिछले महीने ही दोबारा सुनवाई हुई। उन आपत्तियों में जिस तरह की खामियां महायोजना में निकलकर आई है, उनके आधार पर महायोजना में बदलाव किया जा रहा है। वह बदलाव होने के बाद ही उसपर अंतिम मुहर लग सकती है।
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महायोजना में इस तरह मिलीं खामियां
जिन जगहों पर घर बनाकर लोग रहने लगे हैं, वहां महायोजना 2031 में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित कर दिया गया था। इसके साथ ही आपत्तियां मिली थी कि डूंडाहेड़ा के पास हाईवे किनारे की सुविधाएं और सांकरौद में लॉजिस्टिक पार्क की जगह में बदलाव किया जाए। क्योंकि इन सभी का वहां कोई औचित्य नहीं है। यह भी बदलाव किया जा रहा है।
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महायोजना में कुछ बदलाव किया जा रहा है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी गाजियाबाद सीटीसीपी कार्यालय संभाल रहा है। महायोजना के ड्राफ्ट में बदलाव के बाद अगस्त में बोर्ड की बैठक रखी गई है। जहां महायोजना को रखा जाएगा और सबकुछ ठीक होने पर अंतिम मुहर लगेगी। - पंकज वर्मा, एडीएम