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जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर दवाइयों का टोटा
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बागपत। लोगों को सस्ती दवाई उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से जन औषधि केंद्र खोले गए है। इन केंद्रों पर 700 प्रकार की दवाइयों की उपलब्धता का दावा किया गया था। मगर, बागपत के जिला अस्पताल में स्थित जन औषधि केंद्र पर केवल दो सौ से ढाई सौ प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट स्टोरों से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बागपत जिला अस्पताल में एक साल पूर्व जन औषधि केंद्र खोला गया था। मगर अभी तक केंद्र पर पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं है। केंद्र पर एक साल होने के बाद भी 200 से 250 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है। इस कारण लोगों को अन्य दवाइयां लेने के लिए प्राइवेट मेडिकल स्टोरों का सहारा लेना पड़ता है। प्राइवेट स्टोर संचालक लोगों से दवाईयों के नाम अधिक पैसा वसूलते है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता है।
अधिक दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ी, नही भेजी गई डिमांड
बागपत। केंद्र पर तैनात फार्मेसिस्ट कपिल कुमार व महताब का कहना है कि केंद्र पर 200 से 250 प्रकार की ही दवाइयां है। गंभीर रोगों का पूरा इलाज जिला अस्पताल में फ्री किया जाता है। चिकित्सकों द्वारा भी वहीं दवाइयां लिखी जाती है, तो केंद्र पर उपलब्ध है। इससे अधिक दवाइयों की अभी तक जरूरत ही नहीं पड़ी है। यही कारण है कि कभी अन्य दवाइयों की डिमांड भी नहीं भेजी गई है।
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बागपत जिला अस्पताल में एक साल पूर्व जन औषधि केंद्र खोला गया था। मगर अभी तक केंद्र पर पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं है। केंद्र पर एक साल होने के बाद भी 200 से 250 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध है। इस कारण लोगों को अन्य दवाइयां लेने के लिए प्राइवेट मेडिकल स्टोरों का सहारा लेना पड़ता है। प्राइवेट स्टोर संचालक लोगों से दवाईयों के नाम अधिक पैसा वसूलते है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ता है।
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अधिक दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ी, नही भेजी गई डिमांड
बागपत। केंद्र पर तैनात फार्मेसिस्ट कपिल कुमार व महताब का कहना है कि केंद्र पर 200 से 250 प्रकार की ही दवाइयां है। गंभीर रोगों का पूरा इलाज जिला अस्पताल में फ्री किया जाता है। चिकित्सकों द्वारा भी वहीं दवाइयां लिखी जाती है, तो केंद्र पर उपलब्ध है। इससे अधिक दवाइयों की अभी तक जरूरत ही नहीं पड़ी है। यही कारण है कि कभी अन्य दवाइयों की डिमांड भी नहीं भेजी गई है।
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