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कोरोना हो गया कम, अब स्कूल न हो बंद

Sun, 30 Jan 2022 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 11:24 PM IST
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Management system upset due to school closure
बोले संक्रमण का ग्राफ गिरा, स्कूल खोले सरकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना के मद्देनजर लंबे समय से बंद स्कूलों को खोलने की मांग उठने लगी है। स्कूल संचालकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगा है। ऐसे में स्कूल खोले जाएं ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
2020 से कोरोना की वजह से बंद हुए स्कूलों में पढ़ाई बेपटरी हो गई है। कई छात्रों ने दो वर्षों से स्कूल का मुंह तक नहीं देखा है। पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए ऑनलाइन का विकल्प जारी है। निजी स्कूल किसी तरह बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन माध्यमिक स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था बेहद खराब है।
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ऑनलाइन शिक्षा ग्रामीण छात्रों से धोखा
वनस्थली पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर हर्षित जैन का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा की बात करना ग्रामीण छात्रों से धोखा है। हजारों छात्रों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। इंटरनेट की सुविधा नहीं है। ऐसे में इन छात्रों को कैसे पढ़ाया जा सकता है। स्कूल बंद रहे तो शिक्षा चौपट हो जाएगी।
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स्कूलों का बंद रहना घातक
मांउट लिटरा स्कूल के संस्थापक हंसकुमार जैन का कहना है कि लंबे समय तक स्कूलों का बंद रहना शिक्षण व्यवस्था के लिए घातक है। अब तो स्कूली स्तर पर भी कई छात्रों का टीकाकरण हो चुका है। कम से कम उन छात्रों के लिए तो स्कूल खोलने का आदेश सरकार दे।

गाइडलाइन अनुसार खुलें स्कूल
ग्रोवेल स्कूल के डायरेक्टर विश्वास चौधरी का कहना है कि अब स्कूलों को खोले जाने का समय है। संक्रमण काफी कम है। कोविड गाइडलाइन का पालन कर स्कूलों को खोला जा सकता है। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।
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