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मलकपुर चीनी मिल पर लगी सील
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
Updated Sat, 17 Sep 2016 01:13 AM IST
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मलकपुर मिल पर ताला लगाकर सील लगाते तहसील कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किसानों के 244 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कराने पर प्रशासन ने मोदी ग्रुप की मलकपुर चीनी मिल की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची प्रशासन की टीम ने मिल पर ताला लगाकर सील लगा दी। उधर, मिल के सील होने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
मोदी ग्रुप की एसबीईसी चीनी मिल मलकपुर पर किसानों के 244 करोड़ 67 लाख 44 हजार रुपये बकाया है। किसान भुगतान के लिए लखनऊ और दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। गन्ना आयुक्त ने पिछले दिनों मिल की आरसी जारी की थी। शुक्रवार को तहसीलदार राज बहादुर सिंह ने प्रशासन की टीम के साथ पहुंचकर कर्मचारियों को मिल से बाहर निकलवाया। उन्होंने मिल के मुख्य गेट एवं अन्य जगहों पर प्रशासन के ताले लटकाकर सील कर दिया है।
बागपत की अन्य दो चीनी मिलें भुगतान कर चुकी है, जबकि इस मिल का भुगतान लटका हुआ है। किसान इसे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, एडीएम डीपी सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल मिल को सील किया गया है। प्रशासन भुगतान के लिए पहले ही नोटिस जारी कर चुका था। जरूरत पड़ी तो नियमानुसार मिल की नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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उधर, मलकपुर मिल सील किए जाने के बाद कर्मचारियों ने एक दिन के लिए छूट मांगी। कर्मियों का कहना था कि शनिवार को विश्वकर्मा जयंती पर पूजन के लिए उन्हें वक्त चाहिए। मिल के पिछले गेट से इन कर्मचारियों को मिल पहुंचकर पूजन की छूट दी गई है।
मिल पर है इतना बकाया
मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के 244 करोड़ 67 लाख 54 हजार रुपये बकाया है। इसके अलावा 18 करोड़ 73 लाख रुपये ब्याज करीब 18 लाख रुपये विकास कमीशन के बकाया है।
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मोदी ग्रुप की एसबीईसी चीनी मिल मलकपुर पर किसानों के 244 करोड़ 67 लाख 44 हजार रुपये बकाया है। किसान भुगतान के लिए लखनऊ और दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। गन्ना आयुक्त ने पिछले दिनों मिल की आरसी जारी की थी। शुक्रवार को तहसीलदार राज बहादुर सिंह ने प्रशासन की टीम के साथ पहुंचकर कर्मचारियों को मिल से बाहर निकलवाया। उन्होंने मिल के मुख्य गेट एवं अन्य जगहों पर प्रशासन के ताले लटकाकर सील कर दिया है।
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बागपत की अन्य दो चीनी मिलें भुगतान कर चुकी है, जबकि इस मिल का भुगतान लटका हुआ है। किसान इसे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, एडीएम डीपी सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल मिल को सील किया गया है। प्रशासन भुगतान के लिए पहले ही नोटिस जारी कर चुका था। जरूरत पड़ी तो नियमानुसार मिल की नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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उधर, मलकपुर मिल सील किए जाने के बाद कर्मचारियों ने एक दिन के लिए छूट मांगी। कर्मियों का कहना था कि शनिवार को विश्वकर्मा जयंती पर पूजन के लिए उन्हें वक्त चाहिए। मिल के पिछले गेट से इन कर्मचारियों को मिल पहुंचकर पूजन की छूट दी गई है।
मिल पर है इतना बकाया
मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के 244 करोड़ 67 लाख 54 हजार रुपये बकाया है। इसके अलावा 18 करोड़ 73 लाख रुपये ब्याज करीब 18 लाख रुपये विकास कमीशन के बकाया है।