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किसानों का 243 करोड़ दबाए बैठी मलकपुर शुगर मिल
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12 चीनी मिलों में छह ने ही किया किसानों के पिछले सत्र के बकाए का शत-प्रतिशत भुगतान
06 चीनी मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये का बकाया शेष
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के किसान बागपत के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़ और गाजियाबाद जनपद की 12 चीनी मिलों को गन्ने को सप्लाई करते है। नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी छह मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें से किसानों का 243 करोड़ रुपये बागपत की मलकपुर शुगर मिल ही दबाए बैठी है। पेराई सत्र 2020-21 में छह मिलों ने ही शत-प्रतिशत बकाए का भुगतान किया है। गन्ने के बकाए का भुगतान न होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
पेराई सत्र 2020-21 में जिले के 1,29,100 किसानों ने 12 मिलों में 422.70 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की है। बागपत सहकारी चीनी मिल, सहकारी चीनी मिल रमाला, दौराला शुगर मिल, नंगलामल शुगर मिल, तिवाती शुगर मिल और खतौली शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र का शत-प्रतिशत भुगतान दिया है, जबकि अन्य छह मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये का बकाया शेष है। इसमें से 243 करोड़ रुपये बागपत की मलकपुर मिल पर बकाया है। बकाए का भुगतान न होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। बकाए का भुगतान कराने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गन्ना आयुक्त के आदेश पर मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है, इसके बावजूद किसानों के बकाए का भुगतान नहीं कराया जा रहा है।
इन मिलों पर किसानों का बकाया शेष
चीनी मिल देय भुगतान शेष
मलकपुर 47826.76 23505.37 24321.39
किनौनी 22783.62 14393.88 8389.74
भैंसाना 7431.73 3999.06 3432.67
ऊन 2878.01 2314.21 563.80
ब्रजनाथपुर 240.00 1.50 474.33
मोदीनगर 2968.88 1664.04 1304.84
(नोट : सभी आंकड़े सात दिसंबर तक के है और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से लिए गए है। गन्ना बकाए का देय, भुगतान और शेष राशि लाख में है)
रमाला चीनी मिल ने बुधवार को ही किया भुगतान
रमाला। सहकारी चीनी मिल रमाला ने बुधवार को पेराई सत्र 2020-21 के पूरे बकाए का भुगतान कर दिया है। प्रधान प्रबंधक डॉ आरबी राम ने बताया कि मिल को सहकारी बैंक से 5.94 करोड़ रुपये का टर्म लोन मिल गया है। मिल ने दो करोड़ रुपये की चीनी बेची है। मिल पर पिछले सत्र का कोई बकाया शेष नहीं है। अब जल्द ही नए सत्र का भुगतान शुरू किया जाएगा। उन्होंने किसानों को घोषणा पत्र भरने की अपील की है।
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मिलों पर किसानों के बकाए का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बकाए का भुगतान न करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के आदेश पर पांच दिसंबर को मलकपुर मिल के अध्याशी व मुख्य वित्त अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। - डॉ अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी बागपत।
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06 चीनी मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये का बकाया शेष
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के किसान बागपत के अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़ और गाजियाबाद जनपद की 12 चीनी मिलों को गन्ने को सप्लाई करते है। नया पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी छह मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें से किसानों का 243 करोड़ रुपये बागपत की मलकपुर शुगर मिल ही दबाए बैठी है। पेराई सत्र 2020-21 में छह मिलों ने ही शत-प्रतिशत बकाए का भुगतान किया है। गन्ने के बकाए का भुगतान न होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
पेराई सत्र 2020-21 में जिले के 1,29,100 किसानों ने 12 मिलों में 422.70 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की है। बागपत सहकारी चीनी मिल, सहकारी चीनी मिल रमाला, दौराला शुगर मिल, नंगलामल शुगर मिल, तिवाती शुगर मिल और खतौली शुगर मिल ने पिछले पेराई सत्र का शत-प्रतिशत भुगतान दिया है, जबकि अन्य छह मिलों पर किसानों का 373 करोड़ रुपये का बकाया शेष है। इसमें से 243 करोड़ रुपये बागपत की मलकपुर मिल पर बकाया है। बकाए का भुगतान न होने के कारण किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। बकाए का भुगतान कराने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गन्ना आयुक्त के आदेश पर मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है, इसके बावजूद किसानों के बकाए का भुगतान नहीं कराया जा रहा है।
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इन मिलों पर किसानों का बकाया शेष
चीनी मिल देय भुगतान शेष
मलकपुर 47826.76 23505.37 24321.39
किनौनी 22783.62 14393.88 8389.74
भैंसाना 7431.73 3999.06 3432.67
ऊन 2878.01 2314.21 563.80
ब्रजनाथपुर 240.00 1.50 474.33
मोदीनगर 2968.88 1664.04 1304.84
(नोट : सभी आंकड़े सात दिसंबर तक के है और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय से लिए गए है। गन्ना बकाए का देय, भुगतान और शेष राशि लाख में है)
रमाला चीनी मिल ने बुधवार को ही किया भुगतान
रमाला। सहकारी चीनी मिल रमाला ने बुधवार को पेराई सत्र 2020-21 के पूरे बकाए का भुगतान कर दिया है। प्रधान प्रबंधक डॉ आरबी राम ने बताया कि मिल को सहकारी बैंक से 5.94 करोड़ रुपये का टर्म लोन मिल गया है। मिल ने दो करोड़ रुपये की चीनी बेची है। मिल पर पिछले सत्र का कोई बकाया शेष नहीं है। अब जल्द ही नए सत्र का भुगतान शुरू किया जाएगा। उन्होंने किसानों को घोषणा पत्र भरने की अपील की है।
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मिलों पर किसानों के बकाए का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बकाए का भुगतान न करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के आदेश पर पांच दिसंबर को मलकपुर मिल के अध्याशी व मुख्य वित्त अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। - डॉ अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी बागपत।