{"_id":"604115548ebc3ec79d12d213","slug":"lucknow-team-investigates-breakup-in-shopping-baraut-news-mrt528256299","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ की टीम ने की खरीददारी में गोलमाल की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ की टीम ने की खरीददारी में गोलमाल की जांच
विज्ञापन
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में ट्रेनिंग के सामान की खरीदारी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। लखनऊ से दो सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में ट्रेनिंग के सामान की नियम विरुद्ध की गई खरीदारी की शिकायत की जांच की। विभागीय रिकार्ड खंगाले और रिपोर्ट तैयार की।
बता दें कि क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान पर स्वयं सहायता समूह, आपदा प्रबंधन, कृषि से संबंधित आदि प्रशिक्षण शिविर चलते है। इनमें कुछ प्रशिक्षण आवासीय होते है। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को नाश्ता और दोनों समय का खाना दिया जाता है। खाने-पीने के खर्च के लिए शासन की ओर से धनराशि आवंटित की जाती है। सामान की खरीदारी के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से करने के लिए कहा गया। आरोप है कि संस्थान पर जो भी खरीदारी की गई है वह जैम पोर्टल से नहीं करके लोकल फर्मों के माध्यम से कूटेशन बनाकर की गई है। इसकी शिकायत लखनऊ विभागीय अधिकारियों तक पहुंची। इस पर संयुक्त डायरेक्टर डीसी उपाध्याय ने प्रकरण की जांच के लिए लखनऊ से दो सदस्यीय टीम बनाई थी। बृहस्पतिवार को यह टीम संस्थान पहुंची और विभागीय रिकार्ड खंगाले।
टीम के सदस्य बीडी चौधरी व सुरेश कुमार ने बताया कि जांच अभी जारी है। जांच के बाद रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. सौरभ राजपूत ने बताया कि लखनऊ से जांच के लिए टीम संस्थान पर आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। लखनऊ से दो सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान में ट्रेनिंग के सामान की नियम विरुद्ध की गई खरीदारी की शिकायत की जांच की। विभागीय रिकार्ड खंगाले और रिपोर्ट तैयार की।
बता दें कि क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान पर स्वयं सहायता समूह, आपदा प्रबंधन, कृषि से संबंधित आदि प्रशिक्षण शिविर चलते है। इनमें कुछ प्रशिक्षण आवासीय होते है। प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को नाश्ता और दोनों समय का खाना दिया जाता है। खाने-पीने के खर्च के लिए शासन की ओर से धनराशि आवंटित की जाती है। सामान की खरीदारी के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से करने के लिए कहा गया। आरोप है कि संस्थान पर जो भी खरीदारी की गई है वह जैम पोर्टल से नहीं करके लोकल फर्मों के माध्यम से कूटेशन बनाकर की गई है। इसकी शिकायत लखनऊ विभागीय अधिकारियों तक पहुंची। इस पर संयुक्त डायरेक्टर डीसी उपाध्याय ने प्रकरण की जांच के लिए लखनऊ से दो सदस्यीय टीम बनाई थी। बृहस्पतिवार को यह टीम संस्थान पहुंची और विभागीय रिकार्ड खंगाले।
विज्ञापन
टीम के सदस्य बीडी चौधरी व सुरेश कुमार ने बताया कि जांच अभी जारी है। जांच के बाद रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. सौरभ राजपूत ने बताया कि लखनऊ से जांच के लिए टीम संस्थान पर आई थी।
विज्ञापन