मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: चौंकाने वाला दावा, जेल में हत्या के लिए हवन सामग्री में छिपाकर पहुंचाई गई थी पिस्टल
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बागपत में पूरनपुर नवादा निवासी अंकित उर्फ मोनू ने सीबीआई को पत्र भेजकर मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के विषय में जानकारी दी है। अंकित ने कहा उसे जानकारी मिली है कि बजरंगी की हत्या में प्रयोग की गई पिस्टल को हवन सामग्री में छिपाकर जिला कारागार में ले जाया गया था। दिल्ली के रहने वाले व्यक्ति ने जेल में यह पिस्टल पहुंचाई थी। इसके अलावा आरोपी अन्य संदिग्ध सामान भी जिला कारागार में पहुंचा चुका है। सीबीआई से प्रकरण की जांच की मांग रखी थी। गौरतलब है कि नौ जुलाई 2018 को जिला कारागार में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
साल 2017 में बसपा के पू्र्व विधायक लोकेश दीक्षित से मुन्ना बजरंगी और सुल्तान ने रंगदारी मांगी थी। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी थी। इसी केस में मुन्ना बजरंगी की कोर्ट में पेशी थी, झांसी जेल से लाकर उसे बागपत जेल में शिफ्ट किया था। बताया गया था कि सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी में झगड़ा हुआ, जिसके बाद मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान कई राउंड फायरिंग हुई थी।
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सवाल था कि आखिर जेल में पिस्टल कब और कैसे पहुंची? वारदात में क्या अकेला सुनील राठी शामिल था या उसके गैंग के सदस्यों की भी कोई भूमिका है। सुनील राठी ने यह कहकर पुलिस अधिकारियों को चौंका दिया था कि पिस्टल मुन्ना बजरंगी की थी। लेकिन सवाल यह भी था कि अगर ऐसा था तो फिर राठी ने पिस्टल गटर में क्यों फेंक दिया था। मुन्ना बजरंगी की हत्या में आज तक भी कई सवाल अनसुलझे हैं।
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