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एक फीसदी से भी कम छात्रों ने चुना अंक सुधार का विकल्प

Thu, 02 Sep 2021 10:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 10:50 PM IST
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Less than one percent students chose the option of improving marks
बड़ौत (बागपत)। कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से पूर्व की परीक्षा के औसत अंकों के मूल्यांकन के आधार पर इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए थे। संक्रमण का खतरा कम हुआ तो बोर्ड ने बच्चों को अंक सुधार के लिए लिखित परीक्षा का विकल्प दिया। परीक्षा कार्यक्रम जारी कर आवेदन मांगे थे। मगर, 31869 परीक्षार्थियों में से पास हुए मात्र 333 बच्चे यानी मात्र एक फीसदी बच्चों ने ही अंक सुधार का विकल्प चुना है। चार फीसदी उन बच्चों ने अंक सुधार का विकल्प चुनाव, जिनका रिजल्ट रुक गया था। अब कुल 1483 बच्चे 18 सितंबर से परीक्षा देंगे।
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कोरोना काल में संक्रमण से बचाव को लेकर स्कूल-कॉलेज बंद थे। ऐसे में परीक्षा कराना आसान नहीं था। सरकार ने बिना परीक्षा के पूर्व के अंकों के औसत मूल्यांकन के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी कर दिया था। इसमें हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का बेहतर परिणाम रहा। अंकों की बारिश से विद्यार्थी भी झूूमें। मगर, जनपद के 1150 से अधिक ऐसे छात्र है, जिनका परिणाम रोक दिया गया। इसमें ज्यादातार छात्र वाणिज्य वर्ग व कला वर्ग के है। पास हुए बच्चों के अंदर परीक्षा न देने का मलाल था। इसी को देखते हुए बोर्ड ने बच्चों को अंक सुधार के लिए लिखित परीक्षा का विकल्प दिया था। लिखित परीक्षा के अंकों को अंतिम मानने की बात कहते हुए 29 अगस्त तक आवेदन मांगे थे।
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हैरानी की बात यह है कि कुल पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से मात्र पास हुए एक फीसदी यानी 333 बच्चों ने अंक सुधार का विकल्प चुना है। चार फीसदी उन बच्चों ने अंक सुधार का विकल्प चुनाव, जिनका रिजल्ट रुक गया था। अब हाईस्कूल में 863 व इंटर में 620 यानी कुल 1483 बच्चों 18 सितंबर को कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होंगे। लिखित परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर तैयार रिजल्ट ही अंतिम होगा।
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अंक सुधार को लेकर होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए करीबन 1483 आवेदन आए है। इनमें से ज्यादातर बच्चे वे है, जिनका रिजल्ट रुका हुआ था। पास हुए ज्यादातर विद्यार्थियों ने रुचि कम दिखाई है। - जयप्रकाश रूहेला, परीक्षा प्रभारी।

बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत थे छात्र
वर्ष 2021 की बार्ड परीक्षा में जनपद में हाईस्कूल में 16049 और इंटरमीडिएट में 15820 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। हाईस्कूल में 9307 बालक व 6535 बालिका संस्थागत व 123 बालक व 84 बालिका व्यक्तिगत, इंटरमीडिएट के लिए 8656 बालक और 5794 बालिका संस्थागत और 1103 बालक व 267 बालिका व्यक्तिगत परीक्षा के लिए पंजीकृत थीं।
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