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Baghpat News: इदरीशपुर के जंगल में नलकूप की छत पर दिखा तेंदुआ
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इदरीशपुर गांव के जंगल में वन कर्मियों को नलकूप के कमरे की दीवार पर गुलदार के पंजों की खरौंच के
- तेंदुआ दिखाई देते ही गांव की तरफ भागे किसान, वन विभाग की टीम ने पंजों के निशान देखे
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। इदरीशपुर गांव के जंगल में नलकूप की छत पर तेंदुआ दिखाई देने से किसानों में दहशत फैल गई। जिसे देखते ही किसान गांव की तरफ भाग निकले। सूचना पर पहुंचे वन विभाग कर्मियों ने पंजों के निशानों की जांच की और जंगल में कांबिंग की। किसानों ने चेतावनी दी कि तीन दिन में तेंदुआ नहीं पकड़ा जाने पर धरना शुरू करेंगे।
इदरीशपुर गांव के किसान अजय, गोविंद सोमवार को खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनको रास्ते से तेंदुआ जाता हुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर खेत में काम छोड़कर गांव की तरफ भागने लगे। तभी रास्ते में किसान रमेश के नलकूप की छत पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। जिसके बाद वह रास्ता बदलकर गांव पहुंचे। इसकी सूचना देने पर वन दरोगा दयाशंकर तिवारी, संजीव कुमार जंगल में पहुंचे और तेंदुए के पंजों के निशान देखकर जंगल में कांबिंग की। काफी देर तक वन विभाग की टीम जंगल में जांच पड़ताल करती रही।
इस मामले में वन रेंजर बड़ौत सुनेंद्र सिंह का कहना है कि जंगल में अभी तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिर भी सूचना मिलने पर टीम को भेजा जा रहा है। पंजे के निशान जंगली बिल्ली या कुत्ते के भी हो सकते है।
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दोघट। इदरीशपुर गांव के जंगल में नलकूप की छत पर तेंदुआ दिखाई देने से किसानों में दहशत फैल गई। जिसे देखते ही किसान गांव की तरफ भाग निकले। सूचना पर पहुंचे वन विभाग कर्मियों ने पंजों के निशानों की जांच की और जंगल में कांबिंग की। किसानों ने चेतावनी दी कि तीन दिन में तेंदुआ नहीं पकड़ा जाने पर धरना शुरू करेंगे।
इदरीशपुर गांव के किसान अजय, गोविंद सोमवार को खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनको रास्ते से तेंदुआ जाता हुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर खेत में काम छोड़कर गांव की तरफ भागने लगे। तभी रास्ते में किसान रमेश के नलकूप की छत पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया। जिसके बाद वह रास्ता बदलकर गांव पहुंचे। इसकी सूचना देने पर वन दरोगा दयाशंकर तिवारी, संजीव कुमार जंगल में पहुंचे और तेंदुए के पंजों के निशान देखकर जंगल में कांबिंग की। काफी देर तक वन विभाग की टीम जंगल में जांच पड़ताल करती रही।
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इस मामले में वन रेंजर बड़ौत सुनेंद्र सिंह का कहना है कि जंगल में अभी तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिर भी सूचना मिलने पर टीम को भेजा जा रहा है। पंजे के निशान जंगली बिल्ली या कुत्ते के भी हो सकते है।
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