{"_id":"66205ce340030bf04503f245","slug":"laser-eye-operations-started-in-the-district-hospital-baghpat-news-c-28-1-smrt1012-112065-2024-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: जिला अस्पताल में लेजर से आंखों के ऑपरेशन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: जिला अस्पताल में लेजर से आंखों के ऑपरेशन शुरू
विज्ञापन
बागपत। जिला अस्पताल में लेजर विधि से आंखों के ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो गई है। जिससे मरीजों को आंख का ऑपरेशन कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल में जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
जिला अस्पताल में फेको मशीन से मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से मरीजों को या तो प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के लिए विवश होना पड़ता था या फिर दूसरे जनपदों में ऑपरेशन कराना पड़ता था।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कटकवाल ने बताया कि फेको आंखों के मोतियाबिंद उपचार के लिए आधुनिक तकनीक है। इस विधि के दौरान आंख में 2.8 मिमी का बारीक छेदकर सफेद मोतिया को आंखों के अंदर ही घोल दिया जाता है और फोल्डेबल लैंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद लेंस व आंख की पुतली के बीच जाले आने से मरीज को देखने में परेशानी होती है। आंखों के धुंधलेपन को हटाने के लिए लेजर मशीन का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए मरीज को मशीन के आगे बैठाकर आंख में प्रकाश का प्रवेश करने के लिए लेजर के माध्यम से झिल्ली में छेद किया जाता है। इससे मरीज की आंख का धुंधलापन दूर हा़े जाता है। नई तकनीक से पांच मिनट में ही आंख के जाले निकल जाते हैं।
विज्ञापन
आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। जिला अस्पताल में लेजर विधि से आंख का ऑपरेशन कराने की सुविधा शुरू हो गई है। - डॉ एसके चौधरी, सीएमएस
-- --
विज्ञापन
जिला अस्पताल में फेको मशीन से मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने से मरीजों को या तो प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के लिए विवश होना पड़ता था या फिर दूसरे जनपदों में ऑपरेशन कराना पड़ता था।
विज्ञापन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कटकवाल ने बताया कि फेको आंखों के मोतियाबिंद उपचार के लिए आधुनिक तकनीक है। इस विधि के दौरान आंख में 2.8 मिमी का बारीक छेदकर सफेद मोतिया को आंखों के अंदर ही घोल दिया जाता है और फोल्डेबल लैंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद लेंस व आंख की पुतली के बीच जाले आने से मरीज को देखने में परेशानी होती है। आंखों के धुंधलेपन को हटाने के लिए लेजर मशीन का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए मरीज को मशीन के आगे बैठाकर आंख में प्रकाश का प्रवेश करने के लिए लेजर के माध्यम से झिल्ली में छेद किया जाता है। इससे मरीज की आंख का धुंधलापन दूर हा़े जाता है। नई तकनीक से पांच मिनट में ही आंख के जाले निकल जाते हैं।
विज्ञापन
आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। जिला अस्पताल में लेजर विधि से आंख का ऑपरेशन कराने की सुविधा शुरू हो गई है। - डॉ एसके चौधरी, सीएमएस