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डेढ़ साल बाद परिवार से मिला खेकड़ा का साद
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बागपत। खेकड़ा की नई बस्ती निवासी साद पुत्र सलीम डेढ़ साल बाद अपने परिवार से मिला। मंगलवार को सीडब्ल्यूसी ने काउंसिलिंग के बाद बच्चे को पिता के सुपुर्द कर दिया।
सीडब्लूसी के अध्यक्ष राजीव यादव ने बताया कि साद पुत्र सलीम नई बस्ती खेकड़ा में रहता था। उसका पिता सलीम पुणे, महाराष्ट्र में प्राइवेट नौकरी करता था। मां भी वहीं रहती थी जबकि साद सांकरौद गांव के मदरसे में पढ़ता था। दिसंबर 2018 में साद अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने खेकड़ा में बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूछताछ के दौरान साद ने बताया कि वह अपने माता-पिता से मिलने के लिए खेकड़ा से पुणे के लिए गया था, मगर वह हैदराबाद पहुंच गया और डेढ़ साल तक बाल आश्रम में रहा। वहां उसने अपना पता नई बस्ती खेकड़ा बताया। जानकारी मिलने पर एसआई कुंवरपाल हैदराबाद पहुंचे और साद को लाकर सीडब्लूसी बागपत को सौंप दिया। मंगलवार को काउंसिलिंग के बाद बच्चें को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
डेढ़ साल बाद बेटे से मिलते ही आंखे हुई नम
बागपत। डेढ़ साल बाद परिजनों के मिलने पर पिता और बेटा दोनों की आंखें नम हो गई। सलीम बेटे के मिलने की आस छोड़ चुका था और साद को भी दोबारा अपने परिवार से मिलने की उम्मीद नहीं थी। मंगलवार को जब सीडब्ल्यूसी ने साद को सलीम के सुपुर्द किया तो दोनों की आंखों में आंसू झलक आए।
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सीडब्लूसी के अध्यक्ष राजीव यादव ने बताया कि साद पुत्र सलीम नई बस्ती खेकड़ा में रहता था। उसका पिता सलीम पुणे, महाराष्ट्र में प्राइवेट नौकरी करता था। मां भी वहीं रहती थी जबकि साद सांकरौद गांव के मदरसे में पढ़ता था। दिसंबर 2018 में साद अचानक गायब हो गया था। परिजनों ने खेकड़ा में बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूछताछ के दौरान साद ने बताया कि वह अपने माता-पिता से मिलने के लिए खेकड़ा से पुणे के लिए गया था, मगर वह हैदराबाद पहुंच गया और डेढ़ साल तक बाल आश्रम में रहा। वहां उसने अपना पता नई बस्ती खेकड़ा बताया। जानकारी मिलने पर एसआई कुंवरपाल हैदराबाद पहुंचे और साद को लाकर सीडब्लूसी बागपत को सौंप दिया। मंगलवार को काउंसिलिंग के बाद बच्चें को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
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डेढ़ साल बाद बेटे से मिलते ही आंखे हुई नम
बागपत। डेढ़ साल बाद परिजनों के मिलने पर पिता और बेटा दोनों की आंखें नम हो गई। सलीम बेटे के मिलने की आस छोड़ चुका था और साद को भी दोबारा अपने परिवार से मिलने की उम्मीद नहीं थी। मंगलवार को जब सीडब्ल्यूसी ने साद को सलीम के सुपुर्द किया तो दोनों की आंखों में आंसू झलक आए।
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