{"_id":"6193f0479c40777e8958c340","slug":"junior-high-school-running-with-the-help-of-a-teacher-baghpat-news-mrt565043143","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक शिक्षक के सहारे चल रहा जूनियर हाईस्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक शिक्षक के सहारे चल रहा जूनियर हाईस्कूल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- बार-बार मांग करने के बावजूद नहीं की जा रही शिक्षकों की नियुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। जूनियर हाई स्कूल तवेलागढ़ी में एक शिक्षक के सहारे चल रहा है। शिक्षकों के अभाव में स्कूल में शिक्षण करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बार-बार मांग करने के बावजूद स्कूल में शिक्षक की तैनाती नहीं की जा रही है।
तवेलागढ़ी के जूनियर हाईस्कूल में 53 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। इनमें कक्षा छह में 27, कक्षा सात में 17 और कक्षा आठ में नौ बच्चे पंजीकृत है। इन बच्चों को शिक्षण कराने की जिम्मेदारी एक शिक्षक पर है। शिक्षक के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा इसी प्रांगण में प्राइमरी विद्यालय भी है। इसमें मात्र दो अध्यापकों पर 72 बच्चों की पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी है। शिक्षक एक समय में एक ही क्लास के बच्चों को पढ़ाता है। ग्राम प्रधान नीलम देवी व पूर्व प्रधान राजीव कुमार का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन पोर्टल के माध्यम से शासन स्तर से करने का प्रावधान है। विभागीय स्तर से स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकती है। - राघवेंद्र सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। जूनियर हाई स्कूल तवेलागढ़ी में एक शिक्षक के सहारे चल रहा है। शिक्षकों के अभाव में स्कूल में शिक्षण करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बार-बार मांग करने के बावजूद स्कूल में शिक्षक की तैनाती नहीं की जा रही है।
तवेलागढ़ी के जूनियर हाईस्कूल में 53 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। इनमें कक्षा छह में 27, कक्षा सात में 17 और कक्षा आठ में नौ बच्चे पंजीकृत है। इन बच्चों को शिक्षण कराने की जिम्मेदारी एक शिक्षक पर है। शिक्षक के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा इसी प्रांगण में प्राइमरी विद्यालय भी है। इसमें मात्र दो अध्यापकों पर 72 बच्चों की पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी है। शिक्षक एक समय में एक ही क्लास के बच्चों को पढ़ाता है। ग्राम प्रधान नीलम देवी व पूर्व प्रधान राजीव कुमार का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा कराया जा चुका है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन पोर्टल के माध्यम से शासन स्तर से करने का प्रावधान है। विभागीय स्तर से स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकती है। - राघवेंद्र सिंह, बीएसए
विज्ञापन