फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Join the army at RS 35, retire after 24 years of service... Pension from 48 years, now getting RS 55 thousand

Old Pension Scheme : ₹35 पर सेना में भर्ती, 24 साल सेवा के बाद रिटायर... 48 वर्ष से पेंशन, अब मिल रहे ₹55 हजार

Mon, 23 Jun 2025 06:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 23 Jun 2025 06:52 AM IST
सार

लच्छीराम ने सेना में 35 रुपये प्रतिमाह वेतन से नौकरी शुरू करके 24 साल देश सेवा की। लच्छीराम पिछले 48 साल से पेंशन ले रहे हैं और अब उनको 55 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। 

विज्ञापन
Join the army at RS 35, retire after 24 years of service... Pension from 48 years, now getting RS 55 thousand
अपने परिवार के साथ लच्छीराम... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुरानी पेंशन योजना का फायदा कोई ढिकौली गांव के पूर्व सूबेदार 90 साल के लच्छीराम से पूछिए... इन्होंने सेना में 35 रुपये प्रतिमाह वेतन से नौकरी शुरू करके 24 साल देश सेवा की। लच्छीराम पिछले 48 साल से पेंशन ले रहे हैं और अब उनको 55 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। 

विज्ञापन


यूं तो ढिकौली गांव की पहचान सैनिकों से है। यहीं के लच्छीराम को पिता चौ. बिशंभर की तरह देश की सेना की वर्दी पहनने का जुनून था।  लच्छीराम कक्षा नौ उत्तीर्ण करने के बाद सीधे मेरठ छावनी पहुंचकर वर्ष 1953 में पंजाब रेजिमेंट में सिपाही भर्ती हो गए। 
विज्ञापन


पहला वेतन मिला 35 रुपये, जो उस समय काफी मायने रखता था। कुछ साल बाद पंजाब रेजिमेंट से जाट रेजिमेंट में भेज दिए गए। वह बताते हैं कि 1962 में चीन से और 1965 व 1971 में पाकिस्तान से जंग लड़ी। वर्ष 1977 में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त होने पर 95 रुपये पेंशन मिली, मगर अब हर माह 55 हजार रुपये मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब परिवार की चौथी पीढ़ी भी सेना में
पूर्व सूबेदार लच्छीराम के पिता चौ. बिशंभर सिंह भी सेना में रहे। भारत की ओर से 1942 के द्वितीय विश्व युद्ध में सिंगापुर में लड़े और वहां पकड़े जाने पर जेल में भी रहे। सिंगापुर से छूटने के बाद पुलिस में भर्ती हुए। वर्तमान में लच्छीराम के दो बेटे रामबीर और राजकुमार सेना में हवलदार हैं। इन दोनों सैनिकों के बेटे भी सुनील व दीपक सेना में रहकर देश सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed