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रालोद के गढ़ में सपा और बसपा भी जाटों के सहारे
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:49 AM IST
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बागपत। सपा और बसपा ने रालोद के गढ़ को पूरी तरह से घेरने की तैयारी कर ली है। सपा ने जहां तीनों सीटों पर जाट उम्मीदवारों को उतार दिया। वहीं बसपा ने भी बागपत सीट पर रालोद छोड़कर बसपा में शामिल हुए नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद को उतारने की तैयारी की। छपरौली से जाट उम्मीदवार को उतारा जा रहा है।
रालोद का गढ़ माने जाने वाले बागपत में रालोद तो 2012 के विधानसभा चुनाव में ही बागपत की तीन में से दो सीटें गंवा चुका है। सिर्फ छपरौली सीट ही रालोद बचा पाया। इस बार फिर से रालोद को चौतरफा घेरने की तैयारी हो रही है। इस बार छपरौली विधानसभा सीट से सपा ने मूले जाट को मैदान में उतार दिया है, तो बसपा ने भी वकील चौधरी को उतारने की तैयारी कर ली है।
बागपत विधानसभा सीट से सपा ने जहां जाट उम्मीदवार को तरजीह देकर रालोद को अपना उम्मीदवार चुनने के लिए सोचने पर विवश कर दिया है, वहीं बसपा ने भी रालोद को झटका देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 2012 की हार के बाद रालोद छोड़कर बसपा में शामिल हु्ए नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को बागपत विधानसभा सीट से बसपा का उम्मीदवार बनाया जा रहा है। इससे रालोद की मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं हैं।
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सपा और बसपा के उम्मीदवारों को देख रालोद का गणित जरूर गड़बड़ा गया है। इस कारण उम्मीदवारों के चयन में काफी माथापच्ची करनी पड़ेगी। राजनीति पंडितों का मानना है अभी भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लोकसभा जीत से भाजपा को भी विधानसभा चुनाव में सीट निकालने की उम्मीद होने लगी है। भाजपा और रालोद ंको उम्मीदवार उतारने में काफी माथा पच्ची करनी पड़ेगी। दोनों ही पार्टी चुनाव नजदीक आने पर ही उम्मीदवारों की घोषणा करेंगी।
बसपा के जिलाध्यक्ष जय कुमार जाटव के अनुसार विधानसभा सीट छपरौली से वकील चौधरी ही चुनाव लड़ेंगे। बड़ौत से वर्तमान विधायक लोकेश दीक्षित ही उम्मीदवार हैं। अभी बागपत सीट से अहमद हमीद की घोषणा होनी बाकी है।
भाजपा के जिलाघ्यक्ष संजय खोखर का कहना है कि 25 अप्रैल को पार्टी की ओर से सिर्फ चुनाव की तैयारी का संकेत दिया जाएगा। उम्मीदवार की घोषणा सभी परिस्थितियों को देखकर बाद में की जाएगी। रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी धनपाल गुर्जर कहते हैं कोई भी पार्टी किसी भी जाति का उम्मीदवार उतारे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
रालोद ने उम्मीदवारों की अभी घोषणा नहीं की गई है और न ही अभी कोई लाइन में है। हाईकमान द्वारा सभी परिस्थितियों को देखकर ही उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।
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रालोद का गढ़ माने जाने वाले बागपत में रालोद तो 2012 के विधानसभा चुनाव में ही बागपत की तीन में से दो सीटें गंवा चुका है। सिर्फ छपरौली सीट ही रालोद बचा पाया। इस बार फिर से रालोद को चौतरफा घेरने की तैयारी हो रही है। इस बार छपरौली विधानसभा सीट से सपा ने मूले जाट को मैदान में उतार दिया है, तो बसपा ने भी वकील चौधरी को उतारने की तैयारी कर ली है।
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बागपत विधानसभा सीट से सपा ने जहां जाट उम्मीदवार को तरजीह देकर रालोद को अपना उम्मीदवार चुनने के लिए सोचने पर विवश कर दिया है, वहीं बसपा ने भी रालोद को झटका देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। 2012 की हार के बाद रालोद छोड़कर बसपा में शामिल हु्ए नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को बागपत विधानसभा सीट से बसपा का उम्मीदवार बनाया जा रहा है। इससे रालोद की मुश्किलें कई गुना बढ़ गईं हैं।
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सपा और बसपा के उम्मीदवारों को देख रालोद का गणित जरूर गड़बड़ा गया है। इस कारण उम्मीदवारों के चयन में काफी माथापच्ची करनी पड़ेगी। राजनीति पंडितों का मानना है अभी भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लोकसभा जीत से भाजपा को भी विधानसभा चुनाव में सीट निकालने की उम्मीद होने लगी है। भाजपा और रालोद ंको उम्मीदवार उतारने में काफी माथा पच्ची करनी पड़ेगी। दोनों ही पार्टी चुनाव नजदीक आने पर ही उम्मीदवारों की घोषणा करेंगी।
बसपा के जिलाध्यक्ष जय कुमार जाटव के अनुसार विधानसभा सीट छपरौली से वकील चौधरी ही चुनाव लड़ेंगे। बड़ौत से वर्तमान विधायक लोकेश दीक्षित ही उम्मीदवार हैं। अभी बागपत सीट से अहमद हमीद की घोषणा होनी बाकी है।
भाजपा के जिलाघ्यक्ष संजय खोखर का कहना है कि 25 अप्रैल को पार्टी की ओर से सिर्फ चुनाव की तैयारी का संकेत दिया जाएगा। उम्मीदवार की घोषणा सभी परिस्थितियों को देखकर बाद में की जाएगी। रालोद के जिलाध्यक्ष चौधरी धनपाल गुर्जर कहते हैं कोई भी पार्टी किसी भी जाति का उम्मीदवार उतारे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
रालोद ने उम्मीदवारों की अभी घोषणा नहीं की गई है और न ही अभी कोई लाइन में है। हाईकमान द्वारा सभी परिस्थितियों को देखकर ही उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।