खेकड़ा। दशलक्षण पर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व जैन श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ मनाया। जैन समाज के लोगों ने आवास एवं प्रतिष्ठान पर पहुंचकर वर्ष भर में जाने-अनजाने में हुई गलती अथवा वाणी से कोई गलत शब्द का उपयोग होकर आस्था को ठेस पहुंची हो तो उसके लिये माफी मांगी।
जैन धर्म के चल रहे दशलक्षण पर्व का मंगलवार को समापन हो गया। समापन के बाद बुधवार को क्षमावाणी पर्व आस्था के साथ मनाया गया। महिला, पुरूष श्रद्धालुओं ने सुबह के समय अपने अपने घरों एवं बड़ागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मंदिर, पार्श्वनाथ प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर, नगर स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, जैन कालेज मार्ग स्थित भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आदिनाथ जैन मंदिर, चंद्रप्रभु दरबार आदि मन्दिरों में पहुंचकर श्रीजी की पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। श्रद्धालु श्रीजी की जय जयकार कर झूम उठे। इसके बाद श्रद्धालुओं ने एक दूसरे के आवास एवं प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर वर्ष भर में जाने-अनजाने में हुई गलती अथवा वाणी से कोई गलत शब्द का उपयोग होकर आस्था को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए माफी मांगी। दिन भर क्षमावाणी का कार्य चलता रहा। इस दौरान सुमेर जैन, नरेश कुमार जैन, राहुल जैन, राजेश जैन, अजेश जैन, कमल जैन, आकाश जैन, विकास जैन, मोहित जैन, प्रवीन जैन, विरेंद्र कुमार जैन, मुनील जैन, ओमप्रकाश जैन, जुगमंदरदास जैन, विकास जैन, विशेष जैन, नवीन जैन, जिनेश जैन, संयम जैन, दीपक जैन, प्रासुक जैन, मुकेश जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।