बागपत: एक जिला एक उत्पाद में धूम मचाएगा जिले का गुड़, किसानों की आय बढ़ाने के लिए ओडीओपी में शामिल
- केंद्र और प्रदेश सरकार ने चिह्नित किए हैं खाद्य उत्पाद
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खेती-बाड़ी के 24 से अधिक उत्पादों को चिह्नित कर ओडीओपी में शामिल किया गया है। साल 2020-21 से 2024-25 तक इन उत्पादों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी का लक्ष्य तय किया गया है। योजन में इकाईयां संचालित की जाएगी, जिन पर सब्सिडी मिलेगी। किसानों को प्रशिक्षित कर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके उत्पाद पर अधिक लाभ मिल सके।
जिले में करीब 300 कोल्हू उद्योग
बागपत जिले में करीब 300 कोल्हू संचालित है। एक कोल्हू पर 25-30 लोग काम करते हैं और संबंधित क्षेत्र के किसान निर्भर रहते हैं। योजना में गुड़ को शामिल कर लिए जाने से लाभ मिलेगा।
टीकरी और बड़का बनें कोल्हुओं के गांव
जिले में टीकरी और बड़का ऐसे गांव हैं, जहां बहुतायत में कोल्हू उद्योग लगे हुए हैं। टीकरी कसबे में कोल्हू उद्योग सबसे पुराना है।
कई राज्यों में गुड़ की सप्लाई
जिले में बनने वाले गुड़ की सप्लाई सबसे ज्यादा हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और दिल्ली में होती है। हरियाणा में कोल्हू संचालक खुद गुड़ की बिक्री करने जाते हैं।
किसने क्या कहा
- सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि गुड़ को ओडीओपी में जगह मिलने से किसानों को लाभ होगा। आय में निश्चित तौर पर बढ़ोत्तरी होगी।
- बागपत विधायक योगेश धामा ने कहा कि कोल्हू उद्योग किसान और मजदूरों से जुड़ा है। योजना में गुड़ के शामिल होने से दोनों को लाभ मिलेगा।
- एडीएम अमित कुमार सिंह का कहना है कि ओडीओपी बेहतर योजना है। हैंडलूम ओडीओपी में शामिल है। चिह्नित खाद्य सामानों की सूची अभी नहीं मिली है। अगर गुड़ शामिल किया गया है तो यह पूरे क्षेत्र के लाभ फायदेमंद साबित होगा।
- कोल्हू संचालक राजेंद्र कुमार का कहना है कि सरकारी सहयोग जरूरी है। किसान मजदूरों को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। तभी रोजगार का यह साधन बचा रह सकेगा।