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विदेशी कंपनी में 22 लाख का पैकेज छोड़ बने आईपीएस, अब बागपत में रोकेंगे अपराध
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बागपत पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता करते एसपी नीरज कुमार जादौन
- फोटो : BAGHPAT
- बागपत में तबादला होकर आए एसपी नीरज कुमार जादौन है इंजीनियर, विदेशी कंपनियों में कर चुके नौकरी
- परिवार में एक घटना होने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर बने आईपीएस
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हर कोई चाहता है कि पढ़ाई करके अच्छी नौकरी मिले और उसका वेतन भी अच्छा हो। बागपत में तबादला होकर आए एसपी नीरज कुमार जादौन का यह सपना इंजीनियरिंग करने के बाद पूरा हुआ और वह विदेशी कंपनी में 22 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी करने लगे। मगर, परिवार में हुई एक घटना के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी बनने का फैसला लिया और कड़ी मेहनत के बाद आईपीएस बन गए।
एसपी नीरज कुमार जादौन आईआईटी बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद नौकरी करने लगे। वह वर्ष 2008 में ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी में 22 लाख रुपये पैकेज पर नौकरी कर रहे थे। इस दौरान ही पिता की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद ही उन्होेंने पुलिस अधिकारी बनने का फैसला किया। उन्होंने नौकरी करते हुए सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी और वह तीसरे प्रयास में आईपीएस बन गए। इसके बाद वह अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़ समेत कई जगह पर तैनात रहे और अब उनका तबादला बागपत एसपी के लिए हुआ है।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि अपराध को रोकना मुश्किल है, लेकिन उसको कम किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस को कार्य योजना बनाकर काम करना होगा और गांवों में रंजिश को चिह्नित करके कार्रवाई करनी होगी। अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ ही कार्य प्रणाली भी बेहतर रखनी होगी।
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फीडबैक सेल का गठन होगा, थानेदार सुनवाई नहीं करेंगे तो कार्रवाई होगी
एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए फीडबैक सेल का गठन किया जाएगा। किसी की शिकायत आती है तो उसके निस्तारण के लिए फीडबैक सेल से फोन करके फीडबैक लिया जाएगा। अगर कोई थानेदार किसी की समस्या का समाधान नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि थानेदारों को सभी से मधुर व्यवहार करना होगा और उनकी समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द करना होगा।
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- परिवार में एक घटना होने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर बने आईपीएस
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हर कोई चाहता है कि पढ़ाई करके अच्छी नौकरी मिले और उसका वेतन भी अच्छा हो। बागपत में तबादला होकर आए एसपी नीरज कुमार जादौन का यह सपना इंजीनियरिंग करने के बाद पूरा हुआ और वह विदेशी कंपनी में 22 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी करने लगे। मगर, परिवार में हुई एक घटना के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी बनने का फैसला लिया और कड़ी मेहनत के बाद आईपीएस बन गए।
एसपी नीरज कुमार जादौन आईआईटी बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद नौकरी करने लगे। वह वर्ष 2008 में ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी में 22 लाख रुपये पैकेज पर नौकरी कर रहे थे। इस दौरान ही पिता की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद ही उन्होेंने पुलिस अधिकारी बनने का फैसला किया। उन्होंने नौकरी करते हुए सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी और वह तीसरे प्रयास में आईपीएस बन गए। इसके बाद वह अलीगढ़, गाजियाबाद, हापुड़ समेत कई जगह पर तैनात रहे और अब उनका तबादला बागपत एसपी के लिए हुआ है।
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एसपी नीरज कुमार जादौन ने बताया कि अपराध को रोकना मुश्किल है, लेकिन उसको कम किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस को कार्य योजना बनाकर काम करना होगा और गांवों में रंजिश को चिह्नित करके कार्रवाई करनी होगी। अपराधियों पर शिकंजा कसने के साथ ही कार्य प्रणाली भी बेहतर रखनी होगी।
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फीडबैक सेल का गठन होगा, थानेदार सुनवाई नहीं करेंगे तो कार्रवाई होगी
एसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए फीडबैक सेल का गठन किया जाएगा। किसी की शिकायत आती है तो उसके निस्तारण के लिए फीडबैक सेल से फोन करके फीडबैक लिया जाएगा। अगर कोई थानेदार किसी की समस्या का समाधान नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि थानेदारों को सभी से मधुर व्यवहार करना होगा और उनकी समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द करना होगा।