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स्कूली में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
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बड़ौत। नगर व देहात क्षेत्र के स्कूल - कॉलेजों मेें रविवार को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया।
वनस्थली पब्लिक स्कूल में प्रबंध समिति के संजय जैन, हर्षित जैन, आशीष जैन व प्रधानाचार्य रणवीर सिंह, सैंट आरवी कान्वेट स्कूल मेें डायरेक्टर अनुराग जैन, माउंट लिटरा स्कूल में संस्थापक हंस कुमार जैन, जेपी में डायरेक्टर गौरव शर्मा, श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में डायरेक्टर उपेन्द्र चौधरी के अलावा महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की जानकारी दी। उधर के एचआर इंटर कॉलेज खामपुर लुहारी में प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह तालियान ने कहा कि यह दिन अपनी मातृभाषा पर गर्व करने का दिन है तथा हम सबको अंग्रेजी के महत्व को समझना चाहिए।
मातृभाषा संस्कृति की संवाहक : डी पी सिंह
बिनौली। तेड़ा के आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डीपी सिंह ने 1952 में भाषा आंदोलन के लिए शहीद होने वाले युवाओं की स्मृति में 21 फरवरी 1999 को राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा यूनेस्को द्वारा की गई। विनोद कुमार आर्य ने कहा कि मातृ भाषा का स्थान कोई दूसरी भाषा नहीं ले सकता। इस अवसर पर अनीता रानी, भागमल, प्रताप, मनीष, अनिरुद्ध, अरविंद, सोनू, लेखराज, पलटू राम आदि उपस्थित रहे।
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वनस्थली पब्लिक स्कूल में प्रबंध समिति के संजय जैन, हर्षित जैन, आशीष जैन व प्रधानाचार्य रणवीर सिंह, सैंट आरवी कान्वेट स्कूल मेें डायरेक्टर अनुराग जैन, माउंट लिटरा स्कूल में संस्थापक हंस कुमार जैन, जेपी में डायरेक्टर गौरव शर्मा, श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज में डायरेक्टर उपेन्द्र चौधरी के अलावा महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की जानकारी दी। उधर के एचआर इंटर कॉलेज खामपुर लुहारी में प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह तालियान ने कहा कि यह दिन अपनी मातृभाषा पर गर्व करने का दिन है तथा हम सबको अंग्रेजी के महत्व को समझना चाहिए।
मातृभाषा संस्कृति की संवाहक : डी पी सिंह
बिनौली। तेड़ा के आर्य विद्यालय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डीपी सिंह ने 1952 में भाषा आंदोलन के लिए शहीद होने वाले युवाओं की स्मृति में 21 फरवरी 1999 को राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा यूनेस्को द्वारा की गई। विनोद कुमार आर्य ने कहा कि मातृ भाषा का स्थान कोई दूसरी भाषा नहीं ले सकता। इस अवसर पर अनीता रानी, भागमल, प्रताप, मनीष, अनिरुद्ध, अरविंद, सोनू, लेखराज, पलटू राम आदि उपस्थित रहे।
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