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डीएम-एसपी से वार्ता बेनतीजा, खाप चौधरियों ने कहा कि एक इंच पीछे नहीं हटेंगे
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बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कृषि कानून के विरोध में धरने के दूसरे दिन डीएम और एसपी किसानों के बीच पहुंचे। प्रशासन ने खाप चौधरियों को धरना समाप्त करने या सिंघु बॉर्डर पर धरना देने का प्रस्ताव रखा। चौधरियों ने कहा कि फैसला होने तक हाईवे नहीं छोड़ेंगे। किसान घर से निकल आया है। किसानों पर बेवजह दबाव नहीं बनाया जाए।
रविवार देर शाम डीएम शकुंतला गौतम और एसपी अभिषेक सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों के बीच बैठे। डीएम शकुंतला गौतम ने किसानों से कहा कि उनकी मांगों को शासन के समक्ष भेजा है। सर्द मौसम के कारण हाईवे पर धरना देना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। किसानों के स्वास्थ्य के लिए ही प्रशासन धरना समाप्त कराना चाहता है। एसपी अभिषेक सिंह ने कहा हाईवे निर्माणाधीन है। रात के समय तेज गति से वाहन गुजरते हैं। हादसों का खतरा बना रहता है, किसानों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए धरना समाप्त कराना चाहते हैं। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में खाप चौधरियों ने हाईवे से हटने से इंकार कर दिया। पुलिस-प्रशासन ने सुझाव रखा कि धरने को सिंघु बॉर्डर पर ले जाएं, इस पर भी किसानों ने इंकार कर दिया। आधे घंटे तक वार्ता बेनतीजा रही, इसके बाद डीएम और एसपी वापस लौट गए। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, थांबेदार चौधरी यशपाल सिंह, थांबेदार ब्रजपाल सिंह, आचार्य बलजोर सिंह आर्य, धर्मपाल चेयरमैन ने बातचीत की।
बड़ौत के धरनास्थल से नहीं हिलेगा किसान
बड़ौत। देशखाप की पट्टी मेहर के थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने बताया कि डीएम व एसपी से वार्ता हुई । प्रशासन की मंशा है कि किसान यहां से उठकर चले जाए, लेकिन किसान यहां से नहीं हिलेगा, ऐसे ही धरना जारी रहेगा। धरने में कोई फेरबदल नहीं होगा। किसान दिन व रात में धरना स्थल पर रहेगा।
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आज फिर होगी प्रशासन से बातचीत
बड़ौत। किसान धरने की जिद पर अड़े हैं। सोमवार शाम को प्रशासन से फिर बातचीत हो सकती है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों से बातचीत कर हाईवे से हटने के लिए मना रहे हैं।
इनसेट
पुलिस प्रशासन के यह प्रस्ताव किसानों ने ठुकराए
औद्योगिक पुलिस चौकी से धरना खत्म किया जाए।
बड़ौत के किसान सिंघु बॉर्डर पर जाकर समर्थन दे दें।
किसान हाईवे से हटकर अन्य सुरक्षित जगह धरना दें।
बड़ौत में किसान दिन में धरना दें, रात में घर लौट जाएं।
किसान अपना मांगपत्र देकर वापस अपने घर चले जाएं।
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रविवार देर शाम डीएम शकुंतला गौतम और एसपी अभिषेक सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों के बीच बैठे। डीएम शकुंतला गौतम ने किसानों से कहा कि उनकी मांगों को शासन के समक्ष भेजा है। सर्द मौसम के कारण हाईवे पर धरना देना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। किसानों के स्वास्थ्य के लिए ही प्रशासन धरना समाप्त कराना चाहता है। एसपी अभिषेक सिंह ने कहा हाईवे निर्माणाधीन है। रात के समय तेज गति से वाहन गुजरते हैं। हादसों का खतरा बना रहता है, किसानों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए धरना समाप्त कराना चाहते हैं। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में खाप चौधरियों ने हाईवे से हटने से इंकार कर दिया। पुलिस-प्रशासन ने सुझाव रखा कि धरने को सिंघु बॉर्डर पर ले जाएं, इस पर भी किसानों ने इंकार कर दिया। आधे घंटे तक वार्ता बेनतीजा रही, इसके बाद डीएम और एसपी वापस लौट गए। देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, थांबेदार चौधरी यशपाल सिंह, थांबेदार ब्रजपाल सिंह, आचार्य बलजोर सिंह आर्य, धर्मपाल चेयरमैन ने बातचीत की।
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बड़ौत के धरनास्थल से नहीं हिलेगा किसान
बड़ौत। देशखाप की पट्टी मेहर के थांबेदार ब्रजपाल सिंह ने बताया कि डीएम व एसपी से वार्ता हुई । प्रशासन की मंशा है कि किसान यहां से उठकर चले जाए, लेकिन किसान यहां से नहीं हिलेगा, ऐसे ही धरना जारी रहेगा। धरने में कोई फेरबदल नहीं होगा। किसान दिन व रात में धरना स्थल पर रहेगा।
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आज फिर होगी प्रशासन से बातचीत
बड़ौत। किसान धरने की जिद पर अड़े हैं। सोमवार शाम को प्रशासन से फिर बातचीत हो सकती है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार किसानों से बातचीत कर हाईवे से हटने के लिए मना रहे हैं।
इनसेट
पुलिस प्रशासन के यह प्रस्ताव किसानों ने ठुकराए
औद्योगिक पुलिस चौकी से धरना खत्म किया जाए।
बड़ौत के किसान सिंघु बॉर्डर पर जाकर समर्थन दे दें।
किसान हाईवे से हटकर अन्य सुरक्षित जगह धरना दें।
बड़ौत में किसान दिन में धरना दें, रात में घर लौट जाएं।
किसान अपना मांगपत्र देकर वापस अपने घर चले जाएं।