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केंद्र में संवेदनहीन सरकार : सत्यपाल मलिक
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घिटौरा में भाकियू अजगर की पंचायत में बोलते राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : BAGHPAT
खेकड़ा (बागपत)। घिटौरा में आयोजित किसान मजदूर सम्मलेन में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि केंद्र में संवेदनहीन सरकार है। सरकार की एमएसपी कानून को लेकर नीयत साफ नहीं है। सरकार एमएसपी को लेकर अपनी नीयत साफ करे, क्योंकि किसान को इससे कम कुछ नहीं चाहिए।
चौधरी करतार सिंह के आवास पर भाकियू अजगर के किसान मजदूर सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में पहुंचे मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों को कोई बेचारा न समझें। यह वही किसान है, जिन्होंने देश की आजादी में अपनी अहम भूमिका निभाई है।
कहा कि वह खुद सरकार में होने के बाद भी हमेशा किसानों के हित के लिए आवाज उठाते रहे हैं और वह आगे भी ऐसे ही आवाज उठाते रहेंगे। किसान आंदोलन में 700 किसानों की शहादत हुई। जिससे उनको गहरा दुख पहुंचा है, लेकिन सरकार से किसी ने उन किसानों के लिए दुख प्रकट करते हुए दो शब्द भी नहीं कहे। प्रधानमंत्री में किसानों के प्रति कोई संवेदना नहीं है।
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कहा कि 700 किसानों की शहादत के बाद भी सरकार नहीं चेती। कहा कि किसानों को मिलकर अपनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। किसान कौम एक साथ हो जाएगी तो इनकी जीत होने से कोई नहीं रोक सकता है। संगठन का नाम भाकियू अजगर चौधरी चरण सिंह की याद दिलाता है। वे कहा करते थे कि यदि अजगर कौम एकजुट हो गई तो दिल्ली का राज छीन लेगीं।
अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष हरबीर नागर ने और संचालन चौधरी करतार सिंह ने किया। मौके पर जिपं अध्यक्ष ममता किशोर, डॉ. उपमा, प्रवीन शर्मा, हर्ष प्रधान, ब्रजेश यादव, लीलू प्रमुख, कवंरपाल सिंह, वेद प्रधान, सजय यादव, राजेश कुमार मौजूद रहे।
किसान की फसलों के दाम घटा रहे
राज्यपाल सत्यपाल सिंह ने कहा कि ऐसे में किसान की आमदनी दोगुनी कैसे हो सकती है। किसान जिसको पैदा कर रहा है, उसके दाम घटा रहे हो। जिसको खरीद रहा है, उसके दाम बढ़ा रहे हो। किसान जब दिल्ली में धरने पर बैठे थे तो उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर किसानों का धरना समाप्त कराने का आग्रह किया था तो उन्होंने तब भी अनदेखी की थी। किसान वह है जो सौ साल तक भी डटकर मुकाबला कर सकता है। उन्होंने गुर्जर समाज को लेकर भी कहा कि गुर्जर एक क्रांतिकारी कौम है। जब जब देश को जरूरत पड़ी है, तो गुर्जरों ने हमेशा डटकर मुकाबला किया है।
एकजुटता से अपने हक की लड़ाई लड़ें : अतुल प्रधान
सपा के विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे सरधना से सपा के विधायक अतुल प्रधान भी किसान मजदूर सम्मेलन में पहुंचे। अतुल प्रधान ने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक किसानों के हित में हमेशा खड़े रहते है। इसलिए वह भी उन्हें सुनने आए है और वह खुद भी किसानों से कहना चाहते कि एकजुटता से अपने हक की लड़ाई लड़ें। किसान जब तक एकजुट रहेगा, तब तक उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
राज्यपाल के आने से पहले सम्मेलन में लगे ठुमके
किसान मजदूर सम्मेलन में राज्यपाल के घिटौरा गांव में पहुंचने से पहले खूब ठुमके लगे। वहां आयोजकों ने भीड़ जुटाने के लिए रागिनी व डांस का कार्यक्त्रस्म भी रखा हुआ था। जिससे लोगों ने खूब मनोरंजन किया।
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चौधरी करतार सिंह के आवास पर भाकियू अजगर के किसान मजदूर सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में पहुंचे मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों को कोई बेचारा न समझें। यह वही किसान है, जिन्होंने देश की आजादी में अपनी अहम भूमिका निभाई है।
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कहा कि वह खुद सरकार में होने के बाद भी हमेशा किसानों के हित के लिए आवाज उठाते रहे हैं और वह आगे भी ऐसे ही आवाज उठाते रहेंगे। किसान आंदोलन में 700 किसानों की शहादत हुई। जिससे उनको गहरा दुख पहुंचा है, लेकिन सरकार से किसी ने उन किसानों के लिए दुख प्रकट करते हुए दो शब्द भी नहीं कहे। प्रधानमंत्री में किसानों के प्रति कोई संवेदना नहीं है।
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कहा कि 700 किसानों की शहादत के बाद भी सरकार नहीं चेती। कहा कि किसानों को मिलकर अपनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। किसान कौम एक साथ हो जाएगी तो इनकी जीत होने से कोई नहीं रोक सकता है। संगठन का नाम भाकियू अजगर चौधरी चरण सिंह की याद दिलाता है। वे कहा करते थे कि यदि अजगर कौम एकजुट हो गई तो दिल्ली का राज छीन लेगीं।
अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष हरबीर नागर ने और संचालन चौधरी करतार सिंह ने किया। मौके पर जिपं अध्यक्ष ममता किशोर, डॉ. उपमा, प्रवीन शर्मा, हर्ष प्रधान, ब्रजेश यादव, लीलू प्रमुख, कवंरपाल सिंह, वेद प्रधान, सजय यादव, राजेश कुमार मौजूद रहे।
किसान की फसलों के दाम घटा रहे
राज्यपाल सत्यपाल सिंह ने कहा कि ऐसे में किसान की आमदनी दोगुनी कैसे हो सकती है। किसान जिसको पैदा कर रहा है, उसके दाम घटा रहे हो। जिसको खरीद रहा है, उसके दाम बढ़ा रहे हो। किसान जब दिल्ली में धरने पर बैठे थे तो उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर किसानों का धरना समाप्त कराने का आग्रह किया था तो उन्होंने तब भी अनदेखी की थी। किसान वह है जो सौ साल तक भी डटकर मुकाबला कर सकता है। उन्होंने गुर्जर समाज को लेकर भी कहा कि गुर्जर एक क्रांतिकारी कौम है। जब जब देश को जरूरत पड़ी है, तो गुर्जरों ने हमेशा डटकर मुकाबला किया है।
एकजुटता से अपने हक की लड़ाई लड़ें : अतुल प्रधान
सपा के विधायक अतुल प्रधान भी पहुंचे सरधना से सपा के विधायक अतुल प्रधान भी किसान मजदूर सम्मेलन में पहुंचे। अतुल प्रधान ने कहा कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक किसानों के हित में हमेशा खड़े रहते है। इसलिए वह भी उन्हें सुनने आए है और वह खुद भी किसानों से कहना चाहते कि एकजुटता से अपने हक की लड़ाई लड़ें। किसान जब तक एकजुट रहेगा, तब तक उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
राज्यपाल के आने से पहले सम्मेलन में लगे ठुमके
किसान मजदूर सम्मेलन में राज्यपाल के घिटौरा गांव में पहुंचने से पहले खूब ठुमके लगे। वहां आयोजकों ने भीड़ जुटाने के लिए रागिनी व डांस का कार्यक्त्रस्म भी रखा हुआ था। जिससे लोगों ने खूब मनोरंजन किया।