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मौसम परिवर्तन से फसलों पर कीटों का प्रकोप
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शिकायत मिलने पर कृषि विभाग के अफसरों कर रहे किसानों को जागरूक, जारी किए हेल्पलाइन नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मौसम में हो रहे परिवर्तन से फसलों में कटुआ कीट, फली भेदक व माहू कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। ऐसे में मसूर, राई, सरसों, गेहूं के साथ ही लगाई गई सब्जी की लगातार निगरानी करें। जरूरत पड़ने पर रासायनिक दवाइयों का प्रयोग करें।
एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि बीते दो सप्ताह से मौसम में परिवर्तन हो रहा है। दिन में तेज व चिलचिलाती धूप पड़ रही है, शाम होते ही हल्की सर्दी का असर है। ऐसे में रबी की फसलों में मसूर में लगने वाले कटुआ कीट, फली भेदक के नियत्रंण के लिए क्यूनालफांस 25 प्रतिशत ईसी की 15 लीटर मात्रा या इमामैक्टीन बैंजोएट पांच प्रतिशत एसजी की 200-250 ग्राम मात्रा व कोराजन की 100 एमएल मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। माहू कीट के नियंत्रण के लिए डाईमिथोएट 30 ईसी की एक लीटर मात्रा व इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 250 से 300 एमएल मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से फसल पर छिड़काव करें। गेहूं की फसल में दीमक के नियत्रंण के लिए क्लोरोपाईरीफॉस 20 प्रतिशत की 25 लीटर मात्रा को सिंचाई के पानी के साथ प्रति हेक्टेअर की दर से प्रयोग करें। गेहूं, मसूर, राई/सरसों में गेरुई, पत्ती धब्बा रोग, तुलासिता, झुलसा रोग व आलू, टमाटर, मिर्च में झुलसा रोग के नियत्रंण के लिए कार्बेंडाजिम का प्रयोग करें।
जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने बताया कि किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों से बचाव के उपाए बताए जा रहे है। दो हेल्पलाइन नंबर जारी किएं गए है। किसानी 9557830921 और 9897871975 नंबरों पर समस्या दर्ज कराकर जानकारी प्राप्त कर सकते हेें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मौसम में हो रहे परिवर्तन से फसलों में कटुआ कीट, फली भेदक व माहू कीट का प्रकोप दिखाई दे रहा है। ऐसे में मसूर, राई, सरसों, गेहूं के साथ ही लगाई गई सब्जी की लगातार निगरानी करें। जरूरत पड़ने पर रासायनिक दवाइयों का प्रयोग करें।
एडीओ कृषि रक्षा अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि बीते दो सप्ताह से मौसम में परिवर्तन हो रहा है। दिन में तेज व चिलचिलाती धूप पड़ रही है, शाम होते ही हल्की सर्दी का असर है। ऐसे में रबी की फसलों में मसूर में लगने वाले कटुआ कीट, फली भेदक के नियत्रंण के लिए क्यूनालफांस 25 प्रतिशत ईसी की 15 लीटर मात्रा या इमामैक्टीन बैंजोएट पांच प्रतिशत एसजी की 200-250 ग्राम मात्रा व कोराजन की 100 एमएल मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। माहू कीट के नियंत्रण के लिए डाईमिथोएट 30 ईसी की एक लीटर मात्रा व इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल की 250 से 300 एमएल मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से फसल पर छिड़काव करें। गेहूं की फसल में दीमक के नियत्रंण के लिए क्लोरोपाईरीफॉस 20 प्रतिशत की 25 लीटर मात्रा को सिंचाई के पानी के साथ प्रति हेक्टेअर की दर से प्रयोग करें। गेहूं, मसूर, राई/सरसों में गेरुई, पत्ती धब्बा रोग, तुलासिता, झुलसा रोग व आलू, टमाटर, मिर्च में झुलसा रोग के नियत्रंण के लिए कार्बेंडाजिम का प्रयोग करें।
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जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
राजकीय बीज भंडार पर तैनात एसडीओ कृषि तेजपाल चौहान ने बताया कि किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों से बचाव के उपाए बताए जा रहे है। दो हेल्पलाइन नंबर जारी किएं गए है। किसानी 9557830921 और 9897871975 नंबरों पर समस्या दर्ज कराकर जानकारी प्राप्त कर सकते हेें।
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