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साप्ताहिक यज्ञ में कोरोना महामारी से निजात दिलाने की दी आहुति
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बड़ौत। रेलवे रोड पर स्थित आर्य समाज भवन में सोमवार को यज्ञ का आयोजन किया। इसमें कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर यज्ञ में आहुति दी। इसमें पीतम सिंह आर्य ने कहा मानव को प्रकृति मां के दोहन का परिणाम भुगतना ही होगा।
यज्ञ की समाप्ति पर पीतम सिंह आर्य ने कहा कि मनुष्य को भगवान ने श्रेष्ठ योनि में जन्म दिया है। मानव प्रकृति के संसाधनों जैसे पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश की गोद में पला बड़ा हुआ है। प्रकृति ने मानव कल्याण के लिए अपनी समस्त संपदा को न्योछावर कर दिया है, लेकिन विकास के पथ पर चलते चलते मानव प्रकृति की धरोहर को नुकसान पहुंचा रहा है। इस कारण मानव जाति एक से एक भयानक आपदा, महामारी की चपेट में आ रही है। वर्तमान समय में कोरोना महामारी भी उसी का परिणाम है। जो लाखों लोगों की जीवन लीला को समाप्त कर चुकी है। यदि मानव अभी भी नहीं चेता और प्रकृति को प्रदूषित करता रहा तो और अधिक स्तर पर महामारियां फैलती रहेगी। इस यज्ञ के ब्रह्म समर भानु आचार्य और यज्ञ मान श्योराज मलिक रहे।
उधर, बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय परिसर में भी साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर समाज के कल्याण की कामना व कोरोना महामारी से निजात मिलने की कामना कर आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां दी। यज्ञ की समाप्ति पर ब्रह्म ओमपाल शास्त्री ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक कोरोना महामारी खत्म नहीं हो जाती, तब तक प्रत्येक घर में हवन होना चाहिए। हवन करने से वातावरण में शुद्धता आती है। इसमें यज्ञमान बिजेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह आर्य, हरवीर सिंह चौधरी, गौरव तोमर, यतेंद्र,, राममेहर सिंह, नरेंद्र सिंह, यादवेंद्र, यतेंद्र तोमर, सुनिता देवी आदि मौजूद रहे।
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यज्ञ की समाप्ति पर पीतम सिंह आर्य ने कहा कि मनुष्य को भगवान ने श्रेष्ठ योनि में जन्म दिया है। मानव प्रकृति के संसाधनों जैसे पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश की गोद में पला बड़ा हुआ है। प्रकृति ने मानव कल्याण के लिए अपनी समस्त संपदा को न्योछावर कर दिया है, लेकिन विकास के पथ पर चलते चलते मानव प्रकृति की धरोहर को नुकसान पहुंचा रहा है। इस कारण मानव जाति एक से एक भयानक आपदा, महामारी की चपेट में आ रही है। वर्तमान समय में कोरोना महामारी भी उसी का परिणाम है। जो लाखों लोगों की जीवन लीला को समाप्त कर चुकी है। यदि मानव अभी भी नहीं चेता और प्रकृति को प्रदूषित करता रहा तो और अधिक स्तर पर महामारियां फैलती रहेगी। इस यज्ञ के ब्रह्म समर भानु आचार्य और यज्ञ मान श्योराज मलिक रहे।
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उधर, बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय परिसर में भी साप्ताहिक यज्ञ हुआ। इसमें कोरोना नियमों को ध्यान में रखकर समाज के कल्याण की कामना व कोरोना महामारी से निजात मिलने की कामना कर आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां दी। यज्ञ की समाप्ति पर ब्रह्म ओमपाल शास्त्री ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक कोरोना महामारी खत्म नहीं हो जाती, तब तक प्रत्येक घर में हवन होना चाहिए। हवन करने से वातावरण में शुद्धता आती है। इसमें यज्ञमान बिजेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह आर्य, हरवीर सिंह चौधरी, गौरव तोमर, यतेंद्र,, राममेहर सिंह, नरेंद्र सिंह, यादवेंद्र, यतेंद्र तोमर, सुनिता देवी आदि मौजूद रहे।
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