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Baghpat News: क्यामपुर में लिपिक बांट रही ज्ञान तो गढ़ी कलंजरी में एक शिक्षक संवार रहा भविष्य
Thu, 10 Oct 2024 04:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 10 Oct 2024 04:33 AM IST
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बागपत। जिले में शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की हालत इतनी खराब है कि क्यामुपर में लिपिक ज्ञान बांट रही है तो गढ़ी कलंजरी में एक शिक्षक के सहारे बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। कुछ विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं होने के कारण निजी शिक्षकों के सहारे पढ़ाई का जिम्मा है। नौ विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है, जिससे बच्चों को मैदान में बैठाकर पढ़ाई कराई जाती है।
शिक्षक नहीं होने से पढ़ाती है लिपिक
क्यामपुर के रानी झांसी कन्या जूनियर हाईस्कूल में छठीं से आठवीं तक की कक्षा चलाई जाती है। विद्यालय में तीनों कक्षा में 21 छात्राओं का पंजीकरण है। विद्यालय में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं है। बुधवार को स्कूल में सात छात्राएं उपस्थित मिली और स्कूल में तैनात लिपिक सीमा देवी मैदान में उनको बैठाकर पढ़ाते हुए मिली। सीमा देवी ने बताया कि स्कूल में चार साल से कोई भी शिक्षक नहीं है। वह खुद ही बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रही है। स्कूल में शिक्षक और संसाधनों की कमी के कारण बच्चों का नामांकन प्रभावित हो रहा है। स्कूल में बिजली का कनेक्शन भी नहीं है।
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छह साल से एक शिक्षक चला रहा स्कूल
आदर्श इंटर काॅलेज गढ़ी कलंजरी में कक्षा 6 से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए छह साल से शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। स्कूल में तैनात अकेले शिक्षक मूलचंद शर्मा का कहना है कि 2018 में शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद कोई नियुक्ति नहीं हुई। शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में छात्र संख्या कम हुई है। विद्यालय में अब सिर्फ 30 विद्यार्थियों का नामांकन है।
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खेकड़ा में निजि शिक्षकों के सहारे हो रही पढ़ाई
श्री शांतिनाथ जैन कन्या जूनियर हाईस्कूल में 240 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय में कई साल से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य रीना पांचाल ने बताया कि उनके अलावा स्कूल में पांच शिक्षिका हैं। सभी शिक्षिका निजी स्तर पर तैनात कर स्कूल में पढ़ाई करा रही हैं।
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स्कूलों में नहीं बिजली कनेक्शन, बढ़ रही परेशानी
नवजीवन जूनियर हाईस्कूल गाधी, सूरज सिंह कन्या जूनियर हाईस्कूल किशनपुर बराल, विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल ककौर, जनता जूनियर हाईस्कूल कोताना, श्री विद्या मंदिर हाईस्कूल टयोढ़ी, अशोक स्मारक हायर सेकेंडरी स्कूल काठा-पाली, जैन जूनियर हाईस्कूल मंडी बड़ौत, रानी झांसी जूनियर हाईस्कूल क्यामपुर और जूनियर हाईस्कूल कहरका में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इस तरह वहां पंखे तक नहीं चलते तो पानी के सबमर्सिबल नहीं चलता है।
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संसाधनों का अभाव बन रहा कारण
क्यामपुर के गुलबीर सिंह का कहना था कि स्कूल में न शिक्षक है और न ही संसाधान है। इसके अलावा गांव में दो प्राइमरी पाठशाला है। इसके कारण स्कूल में नामांकन कम होते है। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों का कन्या जूनियर हाईस्कूल में नामांकन कराने के बजाए प्राइमरी या फिर इंटर काॅलेज में नामांकन कराते हैं।
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शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई
गढ़ी कलंजरी के नवल किशोर का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल में नामांकन नहीं कराते हैं।
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-विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की व्यवस्था शासन स्तर पर बदल गई है। पहले प्रबंधक स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति होती थी, मगर अब नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर से करने का प्रावधान है। - ओमप्रकाश, प्रबंधक रानी झांसी कन्या जूनियर हाईस्कूल क्यामपुर
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जिले के नौ शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन नहीं है, जिससे गर्मी में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा तीन विद्यालय में लिपिक या फिर एक-एक शिक्षक के सहारे पढ़ाई कराई जा रही है। इस संबंध में सात सितंबर को महानिदेशक को भी ज्ञापन दिया गया था। - नीटू खोखर, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश सीनियर शिक्षक संघ
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वर्जन -
शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों का संचालन प्रबंध समिति स्तर से किया जाता है और उनके स्तर से शिक्षकों की नियुक्ति कराई जाती है। शिक्षकों की नियुक्ति के बाद विभाग की ओर से अनुमोदन दिया जाता है। - गीता चौधरी, बीएसए
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शिक्षक नहीं होने से पढ़ाती है लिपिक
क्यामपुर के रानी झांसी कन्या जूनियर हाईस्कूल में छठीं से आठवीं तक की कक्षा चलाई जाती है। विद्यालय में तीनों कक्षा में 21 छात्राओं का पंजीकरण है। विद्यालय में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं है। बुधवार को स्कूल में सात छात्राएं उपस्थित मिली और स्कूल में तैनात लिपिक सीमा देवी मैदान में उनको बैठाकर पढ़ाते हुए मिली। सीमा देवी ने बताया कि स्कूल में चार साल से कोई भी शिक्षक नहीं है। वह खुद ही बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रही है। स्कूल में शिक्षक और संसाधनों की कमी के कारण बच्चों का नामांकन प्रभावित हो रहा है। स्कूल में बिजली का कनेक्शन भी नहीं है।
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छह साल से एक शिक्षक चला रहा स्कूल
आदर्श इंटर काॅलेज गढ़ी कलंजरी में कक्षा 6 से आठ तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए छह साल से शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। स्कूल में तैनात अकेले शिक्षक मूलचंद शर्मा का कहना है कि 2018 में शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद कोई नियुक्ति नहीं हुई। शिक्षकों की कमी के कारण स्कूल में छात्र संख्या कम हुई है। विद्यालय में अब सिर्फ 30 विद्यार्थियों का नामांकन है।
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खेकड़ा में निजि शिक्षकों के सहारे हो रही पढ़ाई
श्री शांतिनाथ जैन कन्या जूनियर हाईस्कूल में 240 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय में कई साल से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य रीना पांचाल ने बताया कि उनके अलावा स्कूल में पांच शिक्षिका हैं। सभी शिक्षिका निजी स्तर पर तैनात कर स्कूल में पढ़ाई करा रही हैं।
स्कूलों में नहीं बिजली कनेक्शन, बढ़ रही परेशानी
नवजीवन जूनियर हाईस्कूल गाधी, सूरज सिंह कन्या जूनियर हाईस्कूल किशनपुर बराल, विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल ककौर, जनता जूनियर हाईस्कूल कोताना, श्री विद्या मंदिर हाईस्कूल टयोढ़ी, अशोक स्मारक हायर सेकेंडरी स्कूल काठा-पाली, जैन जूनियर हाईस्कूल मंडी बड़ौत, रानी झांसी जूनियर हाईस्कूल क्यामपुर और जूनियर हाईस्कूल कहरका में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इस तरह वहां पंखे तक नहीं चलते तो पानी के सबमर्सिबल नहीं चलता है।
संसाधनों का अभाव बन रहा कारण
क्यामपुर के गुलबीर सिंह का कहना था कि स्कूल में न शिक्षक है और न ही संसाधान है। इसके अलावा गांव में दो प्राइमरी पाठशाला है। इसके कारण स्कूल में नामांकन कम होते है। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों का कन्या जूनियर हाईस्कूल में नामांकन कराने के बजाए प्राइमरी या फिर इंटर काॅलेज में नामांकन कराते हैं।
शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई
गढ़ी कलंजरी के नवल किशोर का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षक की कमी के कारण अभिभावक अपने बच्चों का स्कूल में नामांकन नहीं कराते हैं।
-विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की व्यवस्था शासन स्तर पर बदल गई है। पहले प्रबंधक स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति होती थी, मगर अब नियम में कुछ बदलाव किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर से करने का प्रावधान है। - ओमप्रकाश, प्रबंधक रानी झांसी कन्या जूनियर हाईस्कूल क्यामपुर
जिले के नौ शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में बिजली का कनेक्शन नहीं है, जिससे गर्मी में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा तीन विद्यालय में लिपिक या फिर एक-एक शिक्षक के सहारे पढ़ाई कराई जा रही है। इस संबंध में सात सितंबर को महानिदेशक को भी ज्ञापन दिया गया था। - नीटू खोखर, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश सीनियर शिक्षक संघ
वर्जन -
शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों का संचालन प्रबंध समिति स्तर से किया जाता है और उनके स्तर से शिक्षकों की नियुक्ति कराई जाती है। शिक्षकों की नियुक्ति के बाद विभाग की ओर से अनुमोदन दिया जाता है। - गीता चौधरी, बीएसए