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आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा : सीएम
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दोघट/बागपत। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवानपुर नांगल गांव के शिव गोरखनाथ आश्रम से जहां सनातन धर्म के विरोधियों को कड़ा संदेश दिया, वहीं धर्म की रक्षा करने वालों को सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमारे यहां धर्मों रक्षति रक्षित: कहा जाता है। इसका मतलब है कि अगर आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा।
सीएम ने कहा कि हम अपने स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करेंगे तो उससे नष्ट हुआ धर्म हमें भी नष्ट कर डालेगा। हमें जाने अनजाने में देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए, किसी भी स्थिति में नहीं। व्यक्तिगत क्षति की भरपाई हो सकती है। धर्म की क्षति की भरपाई नहीं हो सकती है, उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ेगा।
कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के अंदर विरासत, संस्कृति के प्रतीक केंद्रों की पुनर्प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हो रहा है। हम अपने अतीत से जुड़कर उज्ज्वल की कामना कर सकते हैं। कहा कि हम काशी विश्वनाथ के लिए कार्य करते रहे। हम अयोध्या के लिए लड़ते रहे तो डबल इंजन की सरकार आने पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। हम पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा में जाते थे तो हमें स्मरण कराने के लिए राम-राम का संबोधन दिया।
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यह केवल इसलिए था कि राम-राम के माध्यम से प्रभु का स्मरण करेंगे, हमारी भुजाओं में रक्त संचार करेगा तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हम भी योगदान करेंगे। जब एक दिशा में सोचते हैं, एक दिशा में कार्य करते हैं, एक दिशा में आगे बढ़ते हैं तो परिणाम सामने आता है। अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और उसे कोई नहीं रोक पाया।
यह पूर्वजों की प्रति कृतज्ञता है, जिन्होंने हमें राम-राम का संबोधन दिया। यह वो परंपरा है, जो विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्मभूमि, महाकाल में महालोक, केदारपुरी, विंध्यवासिनी धाम का पुनरुद्धार कार्य हुआ। प्रयास यही रहे कि हमारे घर ही नहीं, बल्कि तीर्थस्थल, देवी-देवताओं के स्थल भी सुरक्षित हों।
-महायोगी गुरु गोरखनाथ ने धर्म की अलख जगाई
सीएम ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के योगी रूप हैं। योगी रूप में उन्होंने धर्म की अलख जगाने के लिए जनजागरण के विशाल कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उनके सिद्धों, योगियों ने गुलामी के समय में भी जन-जागरण अभियान को जारी रखा। वह योगी गांव-गांव जाकर सारंगीवादन व भजन के माध्यम से समाज को एकजुट कर विदेशी आक्रांताओं का मुकाबला करने के लिए तैयार करते थे, यही उनकी राष्ट्रभक्ति थी।
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सीएम ने कहा कि हम अपने स्वार्थ के लिए धर्म का दुरुपयोग करेंगे तो उससे नष्ट हुआ धर्म हमें भी नष्ट कर डालेगा। हमें जाने अनजाने में देश व धर्म को नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहिए, किसी भी स्थिति में नहीं। व्यक्तिगत क्षति की भरपाई हो सकती है। धर्म की क्षति की भरपाई नहीं हो सकती है, उसका खामियाजा आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ेगा।
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कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के अंदर विरासत, संस्कृति के प्रतीक केंद्रों की पुनर्प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हो रहा है। हम अपने अतीत से जुड़कर उज्ज्वल की कामना कर सकते हैं। कहा कि हम काशी विश्वनाथ के लिए कार्य करते रहे। हम अयोध्या के लिए लड़ते रहे तो डबल इंजन की सरकार आने पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। हम पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा में जाते थे तो हमें स्मरण कराने के लिए राम-राम का संबोधन दिया।
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यह केवल इसलिए था कि राम-राम के माध्यम से प्रभु का स्मरण करेंगे, हमारी भुजाओं में रक्त संचार करेगा तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हम भी योगदान करेंगे। जब एक दिशा में सोचते हैं, एक दिशा में कार्य करते हैं, एक दिशा में आगे बढ़ते हैं तो परिणाम सामने आता है। अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण हुआ और उसे कोई नहीं रोक पाया।
यह पूर्वजों की प्रति कृतज्ञता है, जिन्होंने हमें राम-राम का संबोधन दिया। यह वो परंपरा है, जो विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। सोमनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में रामजन्मभूमि, महाकाल में महालोक, केदारपुरी, विंध्यवासिनी धाम का पुनरुद्धार कार्य हुआ। प्रयास यही रहे कि हमारे घर ही नहीं, बल्कि तीर्थस्थल, देवी-देवताओं के स्थल भी सुरक्षित हों।
-महायोगी गुरु गोरखनाथ ने धर्म की अलख जगाई
सीएम ने कहा कि महायोगी गुरु गोरखनाथ भगवान शिव के योगी रूप हैं। योगी रूप में उन्होंने धर्म की अलख जगाने के लिए जनजागरण के विशाल कार्यक्रम को अपने हाथों में लिया था। उनके सिद्धों, योगियों ने गुलामी के समय में भी जन-जागरण अभियान को जारी रखा। वह योगी गांव-गांव जाकर सारंगीवादन व भजन के माध्यम से समाज को एकजुट कर विदेशी आक्रांताओं का मुकाबला करने के लिए तैयार करते थे, यही उनकी राष्ट्रभक्ति थी।