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टपकती छत तो कहीं जमीन पर बैठ कर पढ़े छात्र
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छत से बारिश टपकने के कारण बागपत के उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित कक्षा दो में कोने में बच्चों को क?
- फोटो : BAGHPAT
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- कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल खुलने पर पहले ही दिन दिखी अव्यवस्थाएं, बच्चे भी कम पहुंचे
- पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर व पुष्पवर्षा कर किया गया स्वागत, चॉकलेट भी मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी। कोरोना संक्रमण के कारण करीब साढ़े चार माह बंद रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल भी बुधवार से खोल दिए गए। मगर, पहले दिन ही स्कूलों में खूब अव्यवस्था दिखीं। किसी स्कूल में बारिश में टपकती छत के नीचे ही छात्रों को बैठाया गया तो कहीं जमीन पर टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कराई गई। छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही और केवल दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचें। छात्रों के पहुंचने पर फूल बरसाकर व तिलक लगाकर स्वागत किया गया और चॉकलेट तक दी गई।
अग्रवाल मंडी टटीरी में दो प्राथमिक व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। फर्नीचर के अभाव में बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जाता है। विभागीय अधिकारियों और नगर पंचायत को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। बागपत नगर में बीआरसी में बरसात में स्कूल की छत टपकने से बच्चे और शिक्षकों को परेशानी हुई। बच्चों को कक्षा के एक कोने में बैठाकर पढ़ाया गया। अग्रवाल मंडी टटीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कई बार विद्यालय में फर्नीचर की डिमांड भेजी जा चुकी है। फर्नीचर के अभाव में बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
तिलक लगाकर व पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत
बागपत/खेकड़ा/छपरौली। बागपत नगर व सिसाना के स्कूलों में पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा का स्वागत किया गया। विद्यालयों में बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया गया। स्कूल में प्रवेश के लिए मास्क अनिवार्य रहा। विद्यालय के गेट पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की गई। विद्यालयों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। उधर, खेकड़ा और छपरौली में पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों को शिक्षक और शिक्षिकाओं ने तिलक कर स्वागत किया। कुछ विद्यालयों में बच्चों को मिठाई खिलाई गई।
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बच्चों को स्कूल में मिली चॉकलेट
अमीनगर सराय/बालैनी/बड़ौत/बिनौली। स्कूल पहुंचने पर बच्चों का तिलक कर व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई। बालैनी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। वहीं बड़ौत और बिनौली में भी बच्चों की आरती उताकर कर पुष्पों की वर्षा कर बच्चों का स्वागत किया। बिनौली के प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 को गुब्बारों व फूलमालाओं से सजाया गया। विद्यालयों में बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए शिक्षण कराया गया।
जिले में पहली से आठवीं तक 70 हजार छात्र पंजीकृत
जिले के 332 प्राथमिक विद्यालय, 62 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 136 कंपोजिट विद्यालय है। इन विद्यालयों में 70 हजार 370 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। बुधवार को लगभग दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचें। बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के कारण विद्यालयों में छात्रों की संख्या काफी कम रही। दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचे।
अग्रवाल मंडी टटीरी के विद्यालयों में फर्नीचर न होने और बीआरसी में छत के टपकने के बारे में जानकारी नहीं है। निरीक्षण कर विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था कराई जाएगी। किसी जगह छत से पानी टपकने की समस्या है तो उसे भी ठीक कराया जाएगा। - राघवेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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- पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर व पुष्पवर्षा कर किया गया स्वागत, चॉकलेट भी मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी। कोरोना संक्रमण के कारण करीब साढ़े चार माह बंद रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल भी बुधवार से खोल दिए गए। मगर, पहले दिन ही स्कूलों में खूब अव्यवस्था दिखीं। किसी स्कूल में बारिश में टपकती छत के नीचे ही छात्रों को बैठाया गया तो कहीं जमीन पर टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कराई गई। छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही और केवल दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचें। छात्रों के पहुंचने पर फूल बरसाकर व तिलक लगाकर स्वागत किया गया और चॉकलेट तक दी गई।
अग्रवाल मंडी टटीरी में दो प्राथमिक व एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है। इन विद्यालयों में बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। फर्नीचर के अभाव में बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जाता है। विभागीय अधिकारियों और नगर पंचायत को अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। बागपत नगर में बीआरसी में बरसात में स्कूल की छत टपकने से बच्चे और शिक्षकों को परेशानी हुई। बच्चों को कक्षा के एक कोने में बैठाकर पढ़ाया गया। अग्रवाल मंडी टटीरी के उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कई बार विद्यालय में फर्नीचर की डिमांड भेजी जा चुकी है। फर्नीचर के अभाव में बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
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तिलक लगाकर व पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत
बागपत/खेकड़ा/छपरौली। बागपत नगर व सिसाना के स्कूलों में पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा का स्वागत किया गया। विद्यालयों में बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया गया। स्कूल में प्रवेश के लिए मास्क अनिवार्य रहा। विद्यालय के गेट पर सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की गई। विद्यालयों को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। उधर, खेकड़ा और छपरौली में पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों को शिक्षक और शिक्षिकाओं ने तिलक कर स्वागत किया। कुछ विद्यालयों में बच्चों को मिठाई खिलाई गई।
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बच्चों को स्कूल में मिली चॉकलेट
अमीनगर सराय/बालैनी/बड़ौत/बिनौली। स्कूल पहुंचने पर बच्चों का तिलक कर व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई। बालैनी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों को गुब्बारों और फूलों से सजाया गया। वहीं बड़ौत और बिनौली में भी बच्चों की आरती उताकर कर पुष्पों की वर्षा कर बच्चों का स्वागत किया। बिनौली के प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 को गुब्बारों व फूलमालाओं से सजाया गया। विद्यालयों में बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए शिक्षण कराया गया।
जिले में पहली से आठवीं तक 70 हजार छात्र पंजीकृत
जिले के 332 प्राथमिक विद्यालय, 62 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 136 कंपोजिट विद्यालय है। इन विद्यालयों में 70 हजार 370 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। बुधवार को लगभग दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचें। बीएसए राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के कारण विद्यालयों में छात्रों की संख्या काफी कम रही। दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही विद्यालय पहुंचे।
अग्रवाल मंडी टटीरी के विद्यालयों में फर्नीचर न होने और बीआरसी में छत के टपकने के बारे में जानकारी नहीं है। निरीक्षण कर विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था कराई जाएगी। किसी जगह छत से पानी टपकने की समस्या है तो उसे भी ठीक कराया जाएगा। - राघवेंद्र सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।